संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। पिछले 23 दिन से लिपिकों की हड़ताल का असर अधिकतर कार्यालयों के कामकाज पर पड़ रहा है। लोगों को भी बिना काम करवाए ही लौटना पड़ रहा है। सरल केंद्र में कार्यरत ऑपरेटर भी लोगों को बिना काम किए ही लौटा रहे हैं। सरल केंद्र में वाहनों के पंजीकरण व ट्रांसफर के लिए कागजात तक नहीं ले रहे हैं। वहीं सरकार ने भी उपायुक्तों से हड़ताल में शामिल लिपिकों की रिपोर्ट मांग ली है।
लघु सचिवालय स्थित पार्क परिसर में लिपिक वर्ग द्वारा 23वें दिन क्लेरिकल एसोसिएशन के आह्वान पर भूख हड़ताल के साथ धरना जारी रहा। सभी विभागों के लिपिक वर्ग द्वारा दिए जा रहे धरने में से वीरवार को शिक्षा विभाग से लिपिक श्रीभगवान, सतीश कुमार, सुरेंदर कुमार, बसंत, राजेश, रोहताश सिंह, गजेंद्र सिंह ने भूख हड़ताल की।
बुधवार को सरकार के साथ चली तीसरी वार्ता के भी विफल रहने पर सरकार के खिलाफ रोष जताया गया और कहा कि भविष्य में हड़ताल को राज्य कार्यकारिणी से चर्चा के बाद और तेज किया जाएगा। एसोसिएशन की ओर से साफ कर दिया है कि जब तक सरकार 35,400 वेतनमान लागू नहीं करेगी, जब तक रोष प्रदर्शन जारी रहेगा।
जिला प्रधान आनंद कुमार ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में सभी विभागों के सहायकों व लिपिक वर्ग द्वारा सामाजिक कार्यों में सहयोग देते हुए शांतिपूर्ण हड़ताल अपने सम्मानजनक वेतनमान 35,400 के लिए जारी है और मांग न मानने तक अनवरत जारी रहेगी। उन्होंंने बताया कि राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिसमें एसोसिएशन की ओर से सरकार को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। अगर सरकार हमारी मांग मान लेती है तो हमारे परिवार के साथ-साथ सभी वर्गों का भी भला होगा। हड़ताल के 23वें दिन कई यूनियन ने अपने दलबल के साथ समर्थन दिया।
इस अवसर पर कृषि विभाग से अधीक्षक सुरेश सुहाग, उप अधीक्षक यशपाल, पंचायती राज से उप अधीक्षक राजेंंद्र सिंह, क्लेरिकल एसोसिएशन के जिला संयोजक सुरेंद्र सुहाग, जिला मीडिया प्रभारी सतेंद्र सिंह, धर्मेंद्र ढाका, सहायक जय भगवान, पुरषोत्तम, दिनेश कुमार, गणेश, उमेश कुमार रोहिल्ला, शिक्षा विभाग से पवन, विकास शर्मा व मोहित गुलिया, सिंचाई विभाग से राकेश व हरपाल सुहाग, सहित अन्य विभागों के सहायक व लिपिक मौजूद रहे।