06jjrp04- झज्जर। गोरिया गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद
साल्हावास। ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के गोरिया गांव में 14 सितंबर की रात लगभग एक बजे भडंगी रोड स्थित खाली पड़ी खानपुर माइनर बारिश और आसपास के गांवों के बारिश के पानी से ओवरफ्लो होकर टूट गई थी। इससे पूरे गांव में पानी भर गया था। गांव में चार-चार फीट तक पानी भर गया था। हालत सामान्य होने में लगभग तीन से चार दिन लगे थे। अब गांव में भले ही हालात सामान्य हो और आवागमन के रास्ते भी खुल गए हों, लेकिन खेतों में भरा पानी बीस दिन बाद भी सूखा नहीं है।
खानपुर-गोरिया मार्ग पर खेतों में अभी भी एक फीट से अधिक पानी भरा हुआ है। यहां पर खड़ी बाजरे व कपास की फसलें नष्ट हो चुकी हैं। बाजरे की फसल खड़ी-खड़ी सूख गई है। अब ऐसे में किसान पानी में खड़े होकर न तो बाजरे की फसल की कटाई कर सकते हैं और न ही कपास के नरमे की चुगाई का काम हो सकता है।
किसानों का कहना है कि खरीफ की फसल तो खराब हो ही गई, उन्हें तो रबी की फसल की बिजाई होते भी दिखाई नहीं दे रही। खेतों में खड़ा यह पानी जनवरी तक भी सूख जाए तो गनीमत है, क्योंकि खेतों में खड़े पानी को निकालने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा है। खानपुर-गोरिया मार्ग से जाने वाले लोगों को भी खेतों में खड़े पानी से दुर्गंध सहन करनी पड़ रही है। खेतों में बने घरों में रहने वाले लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ रहा है।
लगभग 300 एकड़ फसल हुई खराब
गांव गोरिया के किसानों का कहना है कि 14 सितंबर को ही अत्यधिक बारिश व माइनर टूटने के कारण लगभग 300 एकड़ में बाजरे व कपास की फैसल खराब हो चुकी है। इसकी अभी तक न तो कोई स्पेशल गिरदावरी करवाई गई है न ही किसानों को मुआवजा मिला है। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा के चुनाव भी संपन्न हो गए हैं। केंद्र सरकार व हरियाणा में बनने जा रही नई सरकार को चाहिए कि खराब फसलों की गिरदावरी करवाए व किसानों को मुआवजा दे।
वर्जन
खेतों में अभी तक पानी भरा है। 300 एकड़ फसल खराब हो गई है। न तो गिरदावरी हुई है न ही मुआवजा मिला है।-अजीत सिंह, सरपंच, गांव गोरिया
06jjrp04- झज्जर। गोरिया गांव के खेतों में भरा पानी। संवाद