झज्जर। निरोगी हरियाणा के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंत्योदय परिवारों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। योजना के तहत अब तक जिले में केवल 31 प्रतिशत लोगों की ही जांच हो सकी है, शेष 69 प्रतिशत लोग जांच के लिए नहीं आ रहे हैं।
शिविरों के माध्यम से इनको योजना का लाभ देने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन लोगों में ज्यादा जागरूकता नहीं है। जिले में अंत्योदय लाभार्थियों की संख्या लगभग 5 लाख है जबकि अब तक निरोगी योजना के तहत केवल एक लाख 55 हजार 197 लोगों की जांच हो चुकी है। जिनकी जांच हुई है, उनमें सबसे ज्यादा खून की कमी, उच्च रक्तचाप, शुगर यानी मधुमेह के मरीज मिले हैं। अब तक निरोगी योजना के तहत 5 लाख टेस्ट भी हो चुके हैं।
निरोगी हरियाणा योजना का शुभारंभ 29 नवंबर 2022 को राष्ट्रपति द्राैपदी मुर्मू व हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल द्वारा कुरुक्षेत्र से किया था। निरोगी हरियाणा योजना पूरे जिले में शुरू हो चुकी है। निरोगी हरियाणा योजना के तहत अंत्योदय परिवार के सभी सदस्य निशुल्क उपचार करवा सकते हैं। इसमें कुल छह श्रेणियांहैं, जिनमें नवजातसे 6 माह, 6 माह से 59 माह, 5 वर्ष से 18 वर्ष, 18 वर्ष से 40 वर्ष, 40 वर्ष से 60 वर्ष तथा 60 वर्ष से ऊपर के लोगों का सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पूरा उपचार निशुल्क होता है। इसके तहत उनको साल में एक बार जांच होती है, जिसमें खून की जांच, बीपी, शुगर, हार्ट, कैंसर जांच, चिकित्सक की सलाह व दवाइयां मुफ्त दी जाती हैं। इसको ई-उपचार प्रणाली के साथ भी जोड़ा गया है।
एक साल में डबल हुई सदस्यों की संख्या
योजना की शुरुआत के समय अंत्योदय परिवार के सदस्यों की संख्या लगभग ढाई लाख थी, जो अब बढ़कर 5 लाख से ज्यादा हो चुकी है। यही नहीं अब तक मात्र एक लाख 55 हजार 197 सदस्यों ने ही इस योजना का लाभ उठाया है।
अब तक किस आयु वर्ग की कितनों की हुई जांच
नवजात से 6 माह- 108
6 माह से 5 साल- 13,413
5 से 18 साल- 45,343
18 से 40 साल- 56,358
40 से 60- 29,717
60 से ऊपर- 10,258
निरोगी के तहत कौन से टेस्ट कितने हुए
एचबी-113510
सीबीसी-158504
एफबीएस/आरबीएस-127898
सीरम कोलेस्ट्रोल-18950
ब्लड यूरिया-18640
क्रिएटिनिन सीरम-18492
टीएसएच-5128
पीएसए-4784
वीआईए/पीएपी-9625
यूरिन आर/ई-64513
निरोगी योजना के तहत पात्रों की जांच की जा रही है। अब तक एक लाख 55 हजर 197 लोगों की जांच की जा चुकी है और 5 लाख से ज्यादा टेस्ट किए जा चुके हैं। विभाग का प्रयास है कि सभी लाभार्थियों की जांच पूरी की जाए।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, सिविल सर्जन, झज्जर