झज्जर। पिछले तीन दिन से लगातार सुबह के समय घना कोहरा छा रहा है। रविवार को दृश्यता शून्य रही। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि दोपहर होते-होते तेज धूप भी निकल आई। रविवार को अधिकतम तापमान 16.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं रातें अभी भी सर्द हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि पिछले 20 दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। लगातार शीत दिवस और दक्षिणी व शीतलहर अपने तीखे तेवरों से आगाज किए हुए हैं, जिसकी वजह से ठंड से आमजन को ठिठुरने के लिए मजबूर हैं।
रविवार अलसुबह ही हरियाणा एनसीआर दिल्ली से कमजोर पश्चिमी विक्षोभ आगे निकल गया है एक बार फिर से हवाओं की दिशा उत्तरी बर्फीली होने से इलाके में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। यानी आने वाले तीन चार दिनों के दौरान कड़ाके की ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। साथ ही साथ हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर रात्रि के तापमान अभी भी एकल संख्या में बने हुए हैं।
मकर सक्रांति पर 11 बजे के करीब कोहरा छंटने लगा और सूर्य की चमकदार और धूप खिली रहने से आमजन को हाड़ कंपा देने वाली ठंड से राहत मिली। आने वाले तीन चार दिनों के दौरान सुबह के घंटों में कोहरा और साथ ही साथ रात्रि तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और पाला जमने की स्थिति और कड़ाके की ठंड से अभी राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। हालांकि दिन में सूर्य की चमकदार धूप खिली रहेंगी, जिससे आमजन को हाड़ कंपा देने वाली ठंड से केवल दिन में ही राहत मिलेगी।
पशुधन को भी ठंड से बचाने के लिए बरतें सावधानी :
कड़ाके की ठंड व शीत लहर के चलते प्रदेश सरकार ने आमजन के साथ-साथ पशुधन को भी शीत लहर से बचाव के बारे में प्रशासन ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसके लिए पशुपालकों से अपील की है कि वे पशुधन को ठंड के प्रकोप से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतें। डीसी ने बताया कि शीत लहर के दौरान ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाने के कारण जानवरों और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है। इसलिए पशुधन के आहार एवं खान-पान में वृद्धि करें। उच्च गुणवत्ता वाले चारा या चारागाहों का उपयोग करें। पशुओं को वसायुक्त खुराक प्रदान करें, आहार सेवन तथा उनके चबाने के व्यवहार का ध्यान रखें। तापमान में अत्यधिक भिन्नता भैंसों/मवेशियों के प्रजनन दर को प्रभावित कर सकती है। पशुपालक पशुधन को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए रात के दौरान सभी पशु आवास को सभी दिशाओं से ढककर रखें। शीत लहर के दौरान विशेषकर छोटे पशुओं को पूरी तरह से ढककर रखें। इसी प्रकार दुधारू पशुओं को ठंड से बचाने हेतु अंदर रखें। पशुओं के बैठने हेतु सूखा भूसा रखें। पालतू जानवरों, पशुधन को शीत लहर से बचाने हेतु भवन के अंदर रखें तथा उन्हे कंबल से ढकें।