झज्जर। स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय की तरफ से झज्जर शहर में आडिटोरियम बनाए जाने की योजना है, लेकिन नगर परिषद के पास इसे बनाने के लिए जमीन नहीं है। जमीन को लेकर उच्चाधिकारी नगर परिषद से जमीन के लिए पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन जितनी जमीन मुख्यालय को चाहिए, उतनी जमीन शहर के आसपास नहीं मिल रही है।
ऐसे में शहर में आडिटोरियम का सपना केवल सपना होता दिखाई दे रहा है। लगभग चार माह पहले स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय ने सभी जिलों के जिला नगर आयुक्तों को पत्र जारी किया था, जिसमें हर जिले में आडिटोरियम बनाए जाने की बात कही गई थी। इसके लिए मुख्यालय की तरफ से जमीन देखकर उसका प्रपोजल भेजने के लिए कहा गया था। यह आडिटोरियम लगभग एक हजार लोगों की क्षमता वाला बनाया जाना है, ऐसे में उसी के हिसाब से जमीन की मांग रखी गई थी। झज्जर शहर में एक हजार के लोगों के बैठने के लिए आडिटोरियम बनाए जाने की जमीन नहीं मिली है। इसके लिए अधिकारियों ने प्रयास किया, लेकिन अब तक जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी है।
नप की जमीन पर कई जगहों पर कब्जे
शहर में नगर परिषद की कई जगह जमीन ऐसी हैं, जहां पर लंबे समय से कब्जे हैं। कुछ जमीन का मामला कोर्ट में भी चल रहा है। लोकसभा चुनाव से पहले नप हाउस की बैठक में नगर परिषद की जमीन को लेकर अधिकारियों की टीम बनाने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक कोई टीम नहीं बन पाई और न ही कब्जे छुड़वाएं जा सके।
पुराना बस अड्डा की जमीन मिले तो बने बात
शहर में पुराना बस अड्डा ही ऐसी जगह हैं, जहां पर रोडवेज की काफी जमीन है। यहां पहले बस अड्डा हुआ करता था, लेकिन रोहतक रोड पर नया बस अड्डा बना दिया गया है। फिलहाल यहां पर खाली जमीन है। यदि यह जमीन नप को ट्रांसफर हो जाए तो यहां आडिटोरियम भी बनाया जा सकता है। इसके अलावा पार्किंग व अन्य शॉपिंग कांप्लेक्स भी बन सकता है। पुराना बस अड्डा की जमीन ट्रांसफर करने को लेकर नप चेयरमैन जिले सिंह सैनी सीएम से मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
पुराना बस अड्डा की जमीन नप को ट्रांसफर करने के लिए सीएम को कुछ समय पहले मांग पत्र दिया गया था। इस पर सरकार को फैसला करना है। फिलहाल आचार संहिता भी लगी हुई है।
जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर