झज्जर। डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम एक्ट 1989 के तहत एफआईआर दर्ज होते ही पीड़ित व्यक्तियों को निर्धारित समय में मुआवजा राशि देना सुनिश्चित किया जाए ताकि पीड़ितों को समय पर इसका लाभ मिल सके। इस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में कल्याण विभाग संबंधित व्यक्ति से बैंक अकाउंट नंबर व अन्य दस्तावेज लेकर आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध करें। इस मामले में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। जिला कल्याण अधिकारी श्वेता शर्मा ने विभागीय योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक्ट के अंतर्गत 18 पात्र नागरिकों को 25 लाख 70 हजार रुपये की अदायगी की जा चुकी है। इस मौके पर प्रोफेसर डॉ. सुरेंद्र पूनिया, डॉ. श्रीओम, कृष्ण कुमार, सोमबीर सिंह रूहिल, नरेश कुमार उप अधीक्षक आदि मौजूद रहे।