बहादुरगढ़। वैश्य बीएड कालेज में चल रहे एनएसएस के सात दिवसीय शिविर का समापन हो गया। शिविर में तनिष्का को सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेविका की ट्राफी से सम्मानित किया गया।
सोमवार को शिविर का शुभारंभ प्रबंधन समिति के सदस्य पवन जैन ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वयंसेविकाओं द्वारा सुबह योग से की गई। समिति सदस्य पवन जैन ने कहा कि महिला सशक्तिकरण समय की आवश्यकता बन गया है। महिलाओं में अपनी आवश्यकताओं और मांगों को चुनने की स्वतंत्रता, विश्वास और आत्मसम्मान होना चाहिए। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए ताकि उन्हें उनका हक मिल सके और वह पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।
प्राचार्य डा. आशा शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज का एक अहम हिस्सा रही हैं, जिसके बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। महिलाओं को समानता का दर्जा प्राप्त हो, उन्हें भी हर क्षेत्र में बराबर का हक मिलें। महिलाओं में आत्म-मूल्य, आत्मविश्वास और अपनी जरूरतों और आवश्यकताओं को चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। भारत में महिला सशक्तिकरण समाज का समग्र विकास सुनिश्चित करता है। स्वयंसेविकाओं ने गांव बामनौली में प्रबंधन समिति के सदस्य पवन जैन, प्राचार्या डा. आशा शर्मा, एनएसएस प्रोग्राम आफिसर डा. अनु शर्मा ने महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता रैली रवाना किया।
पोस्टर प्रतियोगिता में ईशान प्रथम
राजकीय उच्च माध्यमिक बाल विद्यालय बामनौली के छात्रों ने पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लिया। प्रथम स्थान पर ईशान राय, दूसरे स्थान पर बाबू, तीसरे स्थान पर विकास व सांत्वना पुरस्कार तुषार व दीपेंद्र ने हासिल किया। साथ ही महाविद्यालय की प्राचार्या डा. आशा शर्मा ने स्वयंसेविकाओं को मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया।