झज्जर। जिले में पिछले तीन दिनों से मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। सुबह से दोपहर तक तेज गति से हवाएं चल रही हैं। इसके चलते इलाके में तापमान में गिरावट देखने को मिलीं और भीषण गर्मी का खात्मा और लूं व तापमान बढ़ोतरी पर लगाम लगी है। इसके बावजूद दोपहर के समय तेज गर्मी जारी है। इलाके में तेज हवाएं चलने से आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
शनिवार को अधिकतम तापमान 44 व न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्र मोहन ने बताया कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पिछले तीन दिनों से लगातार मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। लगातार तेज गति से रेतीली हवाएं चल रही हैं। हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली से इस मौसम प्रणाली ने एक बार भीषण गर्मी और लूं का खात्मा कर दिया है और बढ़ते हुए तापमान पर लगाम लगा दीं है, इसकी वजह से आमजन को गर्मी और लूं से राहत मिली है। परंतु लगातार तेज गति से हवाएं चलने रेतीली अंधड़ चलने से इलाके में आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आमतौर पर आंधी मौसम से संबंधित घटना है, इसमें तेज हवाओं के साथ धूल और गुब्बार उड़कर इलाके में दृश्यता को कम कर देते हैं। साथ ही वायुमंडल में रेत का गुब्बार बना रहने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है, जहां आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और श्वसन रोगों में बढ़ोतरी भी हो रही है। गर्मियों में चलने वाली आंधियां आमतौर पर तापमान के बढ़ने की वजह से हवा का दवाब कम होने के कारण आती हैं। इस हवा के दवाब को संतुलित करने के लिए ठंडी जगह से ज्यादा दवाब वाली हवा तेजी से गर्म जगह की तरफ बढ़ने लगती है, जो अपने साथ धूल भी लेकर आती है।