झज्जर। लघु सचिवालय में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट से जुड़े किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने धान और बाजरा की खरीद 15 सितंबर से शुरू कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा।
किसानो ने मांग रखते हुए कहा की धान और बाजरे की खरीद 15 सितंबर से होनी बेहद आवश्यक है, क्योंकि भिवानी, दादरी, महेंद्रगढ़ और झज्जर में बाजरा ज्यादा होता है और लगभग 40 प्रतिशत बाजरा निकल चुका है। इसलिए बाजरे की खरीद अगर जल्दी नहीं हुई तो छोटे और गरीब किसानों को दोगुना नुकसान हो रहा है। छोटे किसान अपने बाजरे को मजबूर होकर छोटे व्यापारियों को 1700 रुपये प्रति क्विंटल बेचने को मजबूर हो जाते है। किसानों ने कहा कि किसानों की मजबूरी का फायदा उठाकर बाजार में समर्थन मूल्य से कम पर बाजरा खरीदा जा रहा है।
किसानों ने मांग उठाई कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसल खरीद का कानून बनना चाहिए ताकि इससे कम पर किसान की फसल न खरीदी जा सके। किसान व मजदूरों को कर्ज मुक्त करने की मांग भी की। बाढ़ से प्रभावित जिन किसानों के बोरवेल खराब हो गए हैं, उन किसानों को दो लाख रुपये मुआवजा तुरंत दिया जाए। जिन किसानों की मोटर बोरवेल खेत के बीच में फंस गई है उन किसानों को 3 लाख रुपये प्रति नलकूप आर्थिक सहायता की मांग भी किसानों ने उठाई।
किसानों ने ये भी मांग उठाई कि पंचायती टैक्स बिल के हिसाब से कम ज्यादा आता है जो तुरंत बंद होना चाहिए। सरकार द्वारा गन्ने व पॉपुलर की फसल का मुआवजा अभी तक घोषित नहीं किया है। इस आपदा में गन्ने व पॉपुलर की फसल बर्बाद हुई है, जिसका मुआवजा तुरंत घोषित किया जा प्रतिवर्ष गन्ने का रेट 450 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाया जाए। इस दौरान उन्होंने बताया की तेलंगाना सरकार की तर्ज पर किसानों को 12 हजार प्रति एकड़ वार्षिक सब्सिडी प्रदेश सरकार की ओर से दी जाए। इस दौरान अखिल भारतीय किसान यूनियन चढूनी से ममता कादयान, उमराव सिंह बेरी ,तेजवीर सिंह, राजेश झामरी, अतर सिंह बेरी,बबला रईया,सुरेद्र, सुनील केरू बेरी, जगबीर फौजी, दयानंद, सुबेदार चरण सिंह,शांति देवी, रोशनी देवी के अलावा बहुत से किसान मौजूद रहे।