बहादुरगढ। प्रदूषण के साथ-साथ अब सुबह के समय आसमान में स्मॉग भी छाने लगा है। इससे न केवल लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी है बल्कि आंखों में जलन भी महसूस हो रही है। सीएक्यूएम (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी एंड मैनेजमेंट) की ओर से ग्रेप-2 की पाबंदियां लागू हैं। यदि प्रदूषण 300 को पार करता है तो तीसरे चरण में कई कार्यों पर बैन लग जाएगा। हालांकि प्रदूषण कम रहे, इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी गंभीर है। सोमवार को शहरी, औद्योगिक व नेशनल हाइवे पर टैंकरों के जरिये पानी का छिड़काव किया गया। इसमें नगर परिषद, एचएसआईआईडीसी और एनएचएआई की ओर से पानी छिड़काव के लिए टैंकर लगाए गए हैं।
सोमवार की सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर बहादुरगढ़ में एक्यूआई 275 दर्ज किया गया। जबकि दिन में हवाएं चलने के बाद यह शाम 4 बजकर 10 मिनट पर घटा और 268 पर पहुंचा। सीएक्यूएम ने 24 अक्तूबर को होने वाले दशहरा पर्व पर आतिशबाजी के बाद एक्यूआई बढ़ने की संभावना जताई है। इसके बाद हवा की क्वालिटी बेहद खराब हो सकती है। सोमवार की सुबह आसमान में स्मॉग छाया रहा। 24 अक्तूबर को नार्थ-ईस्ट से हवाएं आएंगी। सुबह के समय हल्की धुंध भी रहेगी। सीएक्यूएम ने 25 अक्तूबर तक प्रदूषण का स्तर लगातार खराब रहने की संभावना जताई है। वही बढ़ते प्रदूषण पर चिकित्सकों ने भी चिंता जताई है। चिकित्सकों ने प्रदूषण से बचकर रहने की सलाह दी है। ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल (उजाला सिग्नस) के निदेशक डॉ. मनीष शर्मा ने कहा, यदि प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो सांस और शुगर के मरीजों के लिए खतरनाक होगा। ऐसे में आमजन को भी इस प्रदूषण से बचना चाहिए। सुबह की सैर कम करनी चाहिए, क्योंकि सुबह के समय अब हल्का स्मॉग छाने लगा है।
ग्रेप-3 लागू होने पर ये लगेगी पाबंदियां
ग्रैप का तीसरा चरण लागू होने पर दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पेट्रोल से चलने वाले बीएस-3 इंजन और डीजल से चलने वाले बीएस-4 चार पहिया वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लग जाएगी। पत्थरों की क्रशिंग, ईंट भट्टों, खनन और संबंधित गतिविधियों पर रोक रहेगी।
कौन और कैसे लगाता है बैन
वायु गुणवत्ता आयोग पलूशन बढ़ने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियम लागू करता है। ग्रेप को कुल चार चरणों में बांटा गया है। जब वायु गुणवत्ता बहुत खराब (एक्यूआई 301-400) दर्ज किया जाता है तब दूसरे चरण के नियम को लागू किया जाता है। एक्यूआई जब 400 पार कर जाता है तब तीसरे चरण को लागू किया जाता है और एक्यूआई के 450 पार कर जाने के बाद चौथा चरण लागू हो जाता है। अभी दिल्ली-एनसीआर में दूसरा चरण लागू है।
क्या परेशानी हो सकती है
-2.5 माइक्रो मीटर के पार्टिकल सेहत को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।
-प्रदूषण : सर्दी बढ़ने से सुबह टहलना खतरनाक हो सकता है, शुगर बढ़ती है।
-गले में खराश, आंखों में जलन, बीपी का बढ़ जाना कॉमन है।
-सांस फूलने की परेशानी रहती है।
कैसे रहें फिट, चिकित्सक की सलाह
-घर से बाहर जा रहे हैं तो मास्क लगाएं।
-बाहर निकलते समय नाक के दोनों छेदों में सरसों या तिल का तेल लगाएं।
-आंवले का ताजा जूस गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिए।
-कमरे की खिड़कियां बंद रखें, घर के अंदर कोई भी चीज जलाने से बचें।
वर्जन...
प्रदूषण को कम करने के लिए बोर्ड गंभीर है। औद्योगिक क्षेत्रों में एचएसआईआईडीसी, शहरी क्षेत्र में नगर परिषद और राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएचएआई की ओर से पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। दशहरा पर्व पर आतिशबाजी के बाद प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है। प्रदूषण न बढ़े इसको लेकर आमजन को भी जागरूक किया गया है।
-अमित दहिया, एसडीओ, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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