बहादुरगढ़। प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है अब स्मॉग ने भी मुश्किल बढ़ा दी है। सुबह और शाम के समय स्मॉग छाने से आंखों में जलन की शिकायत बढ़ने लगी हैं। लोगों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी है। सोमवार दोपहर 2.50 बजे प्रदूषण का स्तर 350 पर पहुंच गया।मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में कम होने की संभावना नहीं है। हवाओं की धीमी रफ्तार, हवा में अधिक नमी और घटते तापमान की वजह से इस समय प्रदूषण बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 31 अक्तूबर से 2 नवंबर तक प्रदूषण का स्तर बेहद खराब रहेगा। इस समय राजधानी से मिश्रित दिशाओं से हवाएं आ रही हैं। इनकी गति महज 4 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की है। 31 अक्तूबर को साउथ ईस्ट दिशा से हवाएं आएंगी। इनकी गति भी 6 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती हैं। इस समय बहादुरगढ़ में प्रदूषण का स्तर इतना हो गया है कि आम लोग भी असहज महसूस कर रहे हैं। जुकाम, कफ के साथ जल्दी थकावट, तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, सांस लेने में परेशानी, गले में खरास, बदन दर्द, सिर दर्द, आंखों में लाली या पीलापन, आंखों व चेहरे पर सूजन आदि की शिकायतें लोगों को प्रदूषण की वजह से हो रही हैं। ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल (उजाला सिग्नस) के निदेशक डॉ. मनीष शर्मा ने आमजन से इस बढ़ते प्रदूषण की वजह से बचकर रहने की सलाह दी है। उन्होंने लोगों को इस मौसम में किस तरह की सावधानी बरतने और आम लोग क्या करें की जानकारी दी है।
क्या बरतें सावधानी
-यदि बीमार हैं तो बाहर जाने से परहेज करें। घर में ही चहलकदमी करें।
-यदि अस्थमा है तो हर समय अपनी दवाओं को अपने पास रखें।
जॉगिंग की बजाय कम घूमें। बीच में आराम करें।
-यदि छाती में जकड़न, कफ, सांस में तकलीफ या बेहोशी तो चिकित्सक के पास जाएं।
-अगरबत्ती, मोमबत्ती और धूप आदि न जलाएं।
-घर को साफ रखें, झाड़ू की बजाय पोंछा लगाएं।
-बाहर जाते समय एन-95 या पी-100 रेस्पिरेटर मास्क का इस्तेमाल करें।