झज्जर। गांव भदाना की चौपाल में भूगोल प्राध्यापक मुकेश शर्मा व उनकी बेटी अंशुल शर्मा ने मिलकर ब्रेल लिपि के जनक लुई ब्रेल की जयंती पर उनका एक रंगोली रेखाचित्र बनाकर श्रद्धांजलि प्रदान की। मुकेश शर्मा ने बताया कि लुई ब्रेल का जन्म 1809 में फ्रांस के एक छोटे से कस्बे कुप्रे के एक साधारण परिवार में जन्मे थे। लुई ब्रेल ने अपने 43 वर्ष के छोटे से जीवन में अंधेपन का शिकार लोगों के लिए वह काम किया, इसके कारण आज वह शिक्षित हैं, समाज की मुख्यधारा से जुड़े हैं। स्कूलों, कॉलेजों में दूसरे विद्यार्थियों की तरह पढ़ सकते हैं, व्यापार कर सकते हैं।