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Jhajjar-Bahadurgarh News: कार लुटेरे व हथियार तस्कर गिरोह के छह गुर्गे काबू

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नई दिल्ली। द्वारका पुलिस ने कार लुटेरे व हथियार तस्कर गिरोह का खुलासा कर छह बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाश दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी कारें लूटने के बाद जम्मू-कश्मीर पहुंचाते थे। यहां से इन कारों को गुजरात में बेच दिया जाता था। इनके कब्जे से पुलिस ने छह पिस्टल, 12 कारतूस, लूटी गई फॉर्च्यूनर कार और वारदात में इस्तेमाल आई-20 कार बरामद की है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली व गुरुग्राम में कार लूट के पांच मामले सुलझाने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान गांव लोवा खुर्द झज्जर निवासी विक्रम, बसई गुरुग्राम निवासी विक्की, गांधी नगर, सेक्टर-10 गुरुग्राम निवासी अर्जुन व रोहित के रूप में हुई है। अर्जुन और रोहित पर हत्या के मामला दर्ज है, जबकि लूट के वाहन के खरीदार और बदमाशों को हथियार सप्लाई करने वालों की पहचान श्रीनगर कश्मीर निवासी मोहम्मद अशरफ भट्ट और बरनी जम्मू निवासी रमेश सिंह के रूप में हुई है। अशरफ पर नोएडा में कार लूट का एक मामला दर्ज है।
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जिला पुलिस उपायुक्त हर्षवर्धन ने बताया कि 17 मार्च को बदमाशों ने द्वारका साउथ इलाके से फॉर्च्यूनर कार लूटी थी। मामले की जांच स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक नवीन कुमार की टीम को सौंपी गई। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज व सीडीआर का विश्लेषण किया तो पता चला कि बदमाशों ने लूट के लिए आई-20 कार का इस्तेमाल किया है। पुलिस को कार द्वारका के जीजीएसआईपी विश्वविद्यालय के पास होने की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर विक्रम, विक्की, अर्जुन और रोहित को पकड़ लिया। इनके कब्जे से पुलिस ने 4 पिस्टल व 8 कारतूस और आई-20 कार बरामद की। पुलिस विक्रम को रिमांड पर लेकर हथियार तस्कर और लूटी गई कारें खरीदने वालों की गिरफ्तारी के लिए जम्मू-कश्मीर गई। पुलिस ने वहां से हथियार आपूर्तिकर्ताओं और लूटी गई कारों के खरीदार अशरफ और रमेश को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 2 पिस्टल व 4 कारतूस और लूटी गई फॉरच्यूनर कार बरामद हुई।
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भोंडसी जेल में बंद भाई के कहने पर करने लगा लूटपाट
विक्रम ने पूछताछ में बताया कि चचेरा भाई अरुण भोंडसी जेल में बंद है। उसने उसे कार लूटने के लिए कहा। साथ ही, तीन साथियाें विक्की, अर्जुन और रोहित से मिलवाया। इसके बाद विक्रम ने लूटी गई कार को बेचने के लिए अशरफ और रमेश के संपर्क में आया। जांच में पता चला कि गिरोह का सरगना विक्रम है और वह साथियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर से कारें लूटता था। बदमाश रास्ते में चलते समय चालक से मोबाइल छीनकर नाले में फेंक देता था और सुनसान जगह पर फेंककर कार लूट लेता था। विक्रम उसी रात कार को अशरफ और रमेश को सौंपने के लिए जम्मू जाता था। खरीदार वाहनों को अहमदाबाद में इलियास को कार बेच देते थे। अशरफ और रमेश विक्रम को हथियार मुहैया कराते थे।
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