बेरी।
धान की फसल की कटाई के बाद किसान पराली न जलाएं बल्कि फसल अवशेष प्रबंधन कर जमीन की उर्वरा शक्ति को बचाए रखें। यह कहना है एसडीएम रविन्द्र मलिक का। उन्होंने कहा कि धान की पराली में आग लगाने से किसान सिर्फ अपनी जमीन को ही बंजर नहीं बना रहे बल्कि पर्यावरण प्रदूषण की वजह से भविष्य में जानलेवा बीमारियों को भी सीधा निमंत्रण दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंध न करने वाले और अवशेषों को जलाने वाले किसान के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।