बहादुरगढ़। आईएमटी खरखौदा व उत्तरी बाईपास के बीच लगने वाले विभिन्न गांवों की जमीन अधिगृहण को लेकर गांवों के सरपंच व प्रतिनिधियों की भारतीय किसान संघ प्रदेशाध्यक्ष सतीश छिकारा के कार्यालय पर बैठक हुई। जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जमीन अधिग्रहण करने की बजाय सरकार पर पूरे क्षेेत्र के विकास की प्लानिंग का दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने ग्रेटर बहादुरगढ़ बनाने की मांग की।
इस विषय पर ग्रेटर बहादुरगढ़ संघर्ष समिति का गठन किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से ग्रेटर बहादुरगढ़ समिति के अध्यक्ष सतीश छिकारा, उपाध्यक्ष बलजीत आर्य, सरदार सिंह, धर्मपाल खत्री, महासचिव ऋषि भारद्वाज आसौदा, सचिव धर्मबीर, प्रीत सिंह छिल्लर, बिजेंद्र नम्बरदार, संयुक्त सचिव महताब सिंह, शमशेर सिंह, कोषाध्यक्ष जयंत शर्मा, प्रवक्ता की जिम्मेदारी पुरूषोतम छिकारा, कार्यकारिणी सदस्य मनोज जसौर खेड़ी, अशोक जाखोदा, प्रवीण बराही, पवन छिकारा, रामकंवार दरोगा, हरपाल नीलोठी, मनोज लड़रावन, संदीप कुमार, कपूर सिंह सिंघल, मनजीत राठी, संजय शर्मा, नवीन जून, सतपाल बुरा और विभिन्न गांवो के सरपंच काला बामनौली, अशोक परनाला, मोहित छिल्लर बराही, सुमित मुकुंदपुर, मनीष लडरावन, हवा सिंह कुलासी, लाला निलौठी, वीरेंद्र जसौर, अनिल खेड़ी, आश्विन लोहारहेड़ी, रवि आसौदा, राजू जाखोदा, मास्टर राज सिंह सांखोल, विक्की कानोंदा, मोहन पंडित खैरपुर आदि नियुक्त किए गए। छिकारा ने बताया जब नोएडा के साथ ग्रेटर नोएडा हो सकता है, फरीदाबाद के साथ ग्रेटर फरीदाबाद हो सकता है तो बहादुरगढ़ के साथ ग्रेटर बहादुरगढ़ क्यों नहीं हो सकता। उत्तरी बाईपास से लेकर सोहटी आईएमटी तक 300 फुट का सीधा रोड बीचों बीच बनना चाहिए ताकि उसका जुड़ाव चंडीगढ़-दिल्ली हाइवे तक हो सकें। इसके दोनों तरफ व्यवसायिक व रिहायशी सेक्टरों की प्लानिंग हो और गांव के लाल डोरे बढ़ाए जाए। उन्होंने बताया कि ग्रेटर बहादुरगढ़ संघर्ष समिति विकास के लिए 21 अक्तूबर को परनाला, सांखोल व 22 अक्तूूबर को बराही, बामनौली, मुकुंदपुर, कानोंदा, खैरपुर, लडरावन, कुलासी, निलौठी, जसौर खेड़ी, लोहारहेड़ी, आसौदा, जाखोदा गांव का दौरा करेगी।