झज्जर। दीपावली के त्योहार के बाद शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। बुधवार की सुबह शहर कूड़े के ढेर में तबदील होता नजर आ रहा था। शहर का मुख्य बाजार हो, कोई सड़क हो या मोहल्ला ऐसा दिखाई नहीं दिया जहां पर कूड़ा न फैला हो। बुधवार को घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने वाले कर्मचारियों ने भी काम करना बंद कर दिया है। करीब एक सप्ताह से नगर परिषद के कच्चे कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे हैं और शहर की सफाई व्यवस्था दिन प्रतिदिन चरमरा रही है। उसके बाद भी नगर परिषद के अधिकारी व शहर के चुने हुए प्रतिनिधि कोई वैकल्पिक व्यवस्था तक नहीं कर पाए हैं। नगर परिषद के अधिकारियों का कहना है कि वीरवार को हड़ताल खत्म नहीं हुई तो उपायुक्त से मिलकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगवा कर सफाई करवाई जाएगी।
दुकानदारों ने कहा कि सड़क व दुकानों के सामने की सफाई तो कर दी लेकिन कूड़े के ढेरों को कोई उठाने वाला तक नहीं है। ऐसे में वाहनों के बाजार में आवागन से कूड़ा वापस सड़क पर फैल जाएगा। नगर परिषद के आंकड़ों को देखा जाए तो शहर से हर रोज 26 टन कूड़ा निकल रहा है। बुधवार से पहले कूड़ा एकत्रित करने वाले वाहनों की मदद से कुछ हद तक काम चल रहा था, लेकिन अब तो घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने का कार्य भी बंद हो चुका है।
नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान शिवम का कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों को नहीं माना जाता है उस समय तक उनकी हड़ताल समाप्त नहीं होगी। वे नगर परिषद के गेट पर ताला लगा चुके हैं। काली दीपावली मना चुके हैं, उल्टी झाडू लेकर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा शहर में पक्के कर्मचारियों के काम करने का विरोध भी जता चुके हैं। कूड़े से भरी रेहड़ियां तक पलट चुके हैं। उसके बाद भी सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है। सबसे पहली व सबसे मुख्य मांग कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की है।
शहर के कच्चे सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने वाले कर्मचारियों ने काम बुधवार से बंद कर दिया है। इस वजह से परेशानी बढ़ी है। अगर वीरवार को समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगवाकर पुलिस की मदद लेकर काम करवाया जाएगा।