झज्जर के सामान्य अस्पताल मे बना हुआ सैंपिंग कक्ष ।
झज्जर। देश में कोरोना के केस मिलने से हर जगह अलर्ट हो गया है। फिलहाल सरकारी अस्पतालों में नाममात्र की कोरोना सैंपलिंग हो रही है। अधिक खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों के अलावा विदेश जाने वालों मरीजों के सैंपल आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। सप्ताह में पांच से सात सैंपल बहादुरगढ़ लैब भेजे जा रहे हैं। हालांकि पिछले तीन माह से कोई नया कोरोना का केस नहीं आया है। वहीं हेल्थ केयर वर्करों को स्वाइन फ्लू से बचाने के लिए वैक्सीन लगेगी।
स्वास्थ्य विभाग के पास आरटीपीसीआर जांच किट मौजूद है। पिछले सप्ताह सभी उपकरण, आक्सीजन प्लांट की मॉक डि्रल प्रशासन कर चुका है। इसमें सभी उपकरणों को दुरुस्त किया गया ताकि जरूरत पड़ने पर काम लिया जा सके। जिले में कुल 11 ऑक्सीजन प्लांट हैं। इसमें दो सरकारी अस्पताल बहादुरगढ़ और झज्जर में हैं। झज्जर ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता 500 और बहादुरगढ़ ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता एक हजार लीटर प्रति सेकेंड ऑक्सीजन बनाने की है। इसके अलावा 9 ऑक्सीजन प्लांट निजी अस्पतालों में लगे हैं। यह सभी चालू अवस्था में है।
सिलिंडर से बैड तक सप्लाई
झज्जर सरकारी अस्पताल के अलावा पांच सीएचसी, तीन सब डिवीजन अस्पताल और एक पीएचसी में सिलिंडर के माध्यम से बेडों पर ऑक्सीजन की सप्लाई उपलब्ध करवाई जा रही है। 2023 में इस काम को पूरा कर लिया गया था।
हेल्थ केयर वर्करों को लगेगी स्वाइन फ्लू की वैक्सीन
सर्दी में स्वाइन फ्लू फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग हेल्थ केयर वर्करों को स्वाइन फ्लू से बचाने के लिए वैक्सीन लगाएगा। जिले में अब तक 2 हजार वर्करों को यह वैक्सीन लग चुकी है। 400 वर्कर अभी बची हुई थी, इन्हें इस सीजन में वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए वैक्सीन आ चुकी है।
कोरोना का नया वेरिएंट आया हुआ है। इसका अलर्ट जारी हुआ है। विभाग पूरी तरह से तैयार है। सैंपलिंग कराई जा रही है। मॉक डि्रल हो चुकी है। डाटा संबंधी जानकारी अभी नहीं दी जा सकती।
डॉ. टीएस बागड़ी, डिप्टी सिविल सर्जन, झज्जर