झज्जर। सरकार की ओर से 262 मार्गों पर 3658 प्राइवेट बसों को परमिट देने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी संघ खड़ा हो गया। इसे लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
सरकार द्वारा यूनियन प्रधान विजय माजरा की अध्यक्षता में प्रदर्शन किया गया। राज्य मोर्चा सदस्य प्रवीण डीघल ने कहा कि सरकार बिना किसी की मांग के रोडवेज विभाग में प्राइवेट बस परमिट देने जा रही हैं जबकि की आम जनता सरकार से सरकारी बसों की मांग कर रही हैं। वर्तमान में जो प्राइवेट परमिट धारक वाली बसें चल रही हैं, इन बसों में सरकार द्वारा दी जा रही किसी भी सुविधा को लागू नहीं किया जा रहा हैं। इनकी शिकायतें लड़कियों, बुजुर्गाें, आम जनता की तरफ से समय-समय पर करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं।
रोडवेज की तरफ से सरकारी बसों से टैक्स के रूप में प्राइवेट परमिट धारक बसों के मुकाबले सरकार के राजस्व कोष में हजारों रुपये ज्यादा टैक्स जमा करवाती हैं। सरकारी बसों की बढ़ोतरी होने से बेरोजगार बच्चों को रोजगार मिलता है जबकि प्राइवेट बसों को परमिट देने से बेरोजगार बच्चों को कम वेतन देकर खिलवाड़ किया जा रहा हैं। सांझा मोर्चा सरकार से मांग करता की बिना आम जनता, कर्मचारियों की मांग के जो प्राइवेट परमिट पॉलिसी थोपी जा रही हैं उसे तुरंत वापिस लिया जाए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार इस पॉलिसी अगर वापिस नहीं लेती हैं तो 14 जुलाई को पूरे प्रदेश के सभी डिपो व सब डिपो के कर्मचारियों द्वारा परिवहन मंत्री आवास अंबाला शहर में घेराव करके आगामी बड़े आंदोलन की घोषणा करने को मजबूर होंगे।