संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। शहर के श्रीराम पार्क के मामले में नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता व बिल्डिंग इंस्पेक्टर वीरवार को चंडीगढ़ में विजिलेंस कार्यालय में अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत हुए। विजिलेंस चंडीगढ़ कार्यालय से उपायुक्त झज्जर को भेजे गए पत्र में विशेष तौर पर उल्लेख किया गया है कि नप के किसी सक्षम अधिकारी को 5 अक्तूबर को रिकॉर्ड और तथ्यों के साथ चंडीगढ़ स्थित विजिलेंस विभाग की चीफ सेक्रेटरी विजिलेंस कार्यालय में प्रस्तुत होना होगा। पंडित श्रीराम शर्मा पार्क की जमीन के मामले को लेकर जानकारी देनी होगी।
पत्र में 18 अप्रैल 2022 की गतिविधि के संदर्भ में तत्कालीन नगर परिषद के ईओ बोर्ड के युवाओं का भी जिक्र किया गया है। विभागीय पत्र के क्रम को जारी रखते हुए उपायुक्त ने डीएमसी झज्जर को आदेशों के अनुपालन के निर्देश दे दिए थे। इसके चलते वीरवार को विजिलेंस के समक्ष नप के अधिकारी दस्तावेज लेकर प्रस्तुत किए गए। नगर परिषद के अधिकारियों ने विजिलेंस टीम को बताया कि 10 अक्तूबर को श्रीराम शर्मा पार्क की सुनवाई होगी।
1993 से जमीन की लीज की राशि वक्फ बोर्ड को जमा नहीं कराई जा रही थी, जिसका किराया लगभग 44 हजार हो गया था। प्रक्रिया के तहत वक्फ बोर्ड ने अदालत में अपील डाली। इसके बाद नप द्वारा न तो लीज की राशि भरी गई और न ही केस को हारने के बाद भी दोबारा से अपील दायर की गई। ऐसी सूरत में वक्फ बोर्ड के पास कब्जा चला गया था। जब पार्क का मामला उछला तो नगर परिषद द्वारा सेशन कोर्ट में अपील डाली गई है। अपील पर सुनवाई चल रही थी। इसमें 10 अक्तूबर को तारीख लगी हुई है। दूसरी ओर परिषद ने पेंडिंग करीब 44 हजार रुपये की लीज की राशि को भी अदालत के माध्यम से जमा करवा दिया है।
इधर, विजिलेंस के स्तर पर होने वाली जांच और 10 अक्तूबर की तारीख दोनों पर ही शहरवासियों की नजरें हैं। पंडित श्रीराम शर्मा विचार मंच के प्रधान अशोक दीक्षित ने भी बताया कि वह बीते दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल से सांसद अरविंद शर्मा के नेतृत्व में मिले थे और पंडित श्रीराम शर्मा पार्क की जमीन को खुर्द-बुर्द करने का काम जिन अधिकारियों और नेताओं ने किया है, उनकी जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है कि पंडित श्रीराम शर्मा पार्क की जमीन को लेकर सरकार व कोर्ट सख्त है।