झज्जर। सिविल अस्पताल में प्रसव के लगभग ढाई घंटे बाद महिला की मौत के मामले में बुधवार को परिजनों ने सिविल अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने दिया और ब्लैक एरिया में हंगामा किया। उन्होंने आरोपी स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद ही पोस्टमार्टम कराने की मांग की। काफी प्रयास के बाद परिजन माने। पांच घंटे बाद पोस्टमार्टम हुआ।
मोचरी के बाहर भी परिजनों ने उस समय हंगामा शुरू कर दिया जब मृतका की सास के अंगूठे लगाने के लिए बुलाया गया। परिजनों ने कहा कि पहले एफआईआर दर्ज किया जाए, उसके बाद कार्रवाई की जाए। पुलिस ने उनको समझाया कि यह रूटीन प्रक्रिया है। उसके बाद परिजन माने और पोस्टमार्टम की कार्रवाई हो सकी। मृतका के शव का गठित बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस मामले में भी नेग्लिजेंस बोर्ड गठित होगा, जो अपनी जांच करेगा। मृतक महिला आरती के पति मनोज ने बताया कि उसकी पत्नी को दो जनवरी को सिविल अस्पताल में प्रसव पीड़ा होने पर दाखिल कराया गया था, जहां दोपहर को उसने स्वस्थ लड़के को जन्म दिया था, लेकिन दो से ढाई घंटे के बाद आरती की पत्नी खराब हो गई। उसके मुंह से झाग आ रहा था और रक्त का बहाव ज्यादा हो रहा था। परिजनों ने स्टॉफ को बोला तो उन्होंने उनके साथ बदसलूकी की और बाहर निकाल दिया। यहां तक की आरती का सही ध्यान नहीं रखा गया। ज्यादा रक्त बहाव होने के कारण आरती की मौत हो गई, जिसके जिम्मेदार यहां का स्टॉफ है। उन्होंने मांग की कि स्टॉफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। बोर्ड द्वारा मृतका के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पीजीआई में भी कराया गया था दाखिल
उत्तर प्रदेश के हाथरस के फतेहपुरी निवासी मनोज की पत्नी आरती की 29 दिसंबर को तबीयत खराब हुई थी। उसे परिजनों ने रोहतक पीजीआई में दाखिल कराया था। वहां से उसे एक जनवरी को छुट्टी मिल गई थी। उसके बाद दो जनवरी को उसे फिर से दर्द हुआ तो परिजनों ने उसे सरकारी अस्पताल में दाखिल कराया था, जहां प्रसव के कुछ घंटे बाद उसकी मौत हो गई थी।
वर्जन
हाथरस निवासी मनोज की पत्नी आरती की दो दिसंबर को प्रसव के बाद मौत हो गई थी। उसने एक बच्चे को भी जन्म दिया है। इस मामले में नियमों के तहत नेग्लिजेंस बोर्ड गठित किया जाएगा। उनकी रिपोर्ट के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
शमशेर सिंह, डीएसपी, झज्जर