झज्जर। मांगों को लेकर रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो संगठन की हड़ताल वीरवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। पटवारी व कानूनगो ने लघु सचिवालय में धरना देकर नारेबाजी की। हड़ताल का असर आम आदमी के कामों पर पड़ रहा है। न तो लोगों की जमाबंदी की नकल मिल रही है और न ही इंतकाल हो रहे हैं। रिहायशी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन तक नहीं हो पा रहा है। क्योंकि पटवारियों के सत्यापन के बाद ही यह प्रमाण पत्र जारी हो पाते हैं। इसके अलावा पैमाइश के काम भी रुके गए हैं।
जिले की बात करे तो प्रतिदिन 500 इंतकाल, जमाबंदी निकलती है। इसके अलावा 25 से 30 पैमाइश और 500 से ज्यादा जाति व रिहायशी प्रमाण पत्रों सहित अन्य प्रमाण पत्रों के सत्यापन किए जाते हैं, लेकिन दो दिन से यह काम नहीं हो रहे। इसके चलते लोगों को निराश होकर वापस जाना पड़ रहा है। जिले में कुल 119 पटवारी और 15 कानूनगो हैं और सभी हड़ताल पर चल रहे हैं।
लघु सचिवालय पर दिया धरना
जिला सचिवालय झज्जर के प्रांगण में रेवेन्यू पटवारी एवं कानूनगो संगठन झज्जर की ओर से चल रहा सांकेतिक धरना दूसरे दिन जिला प्रधान मनीष यादव की अध्यक्षता में जारी रहा। वीरवार के सांकेतिक धरने में राजस्व पटवारी एवं कानूनगो संगठन के पूर्व प्रांतीय प्रधान देवेंद्र यादव व सर्व कर्मचारी संघ प्रधान रामबीर, संदीप व शारीरिक शिक्षा संघ के पूर्व प्रधान राजवीर देशवाल, अध्यापक शिक्षा संघ के प्रधान नरेश शर्मा, शिक्षा संघ से ही सेवानिवृत प्रधानाचार्य राजबीर दहिया, कंप्यूटर संघ के पूर्व प्रांतीय प्रधान कुलदीप सैनी ने धरने में समर्थन दिया तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की आगामी हड़ताल के लिए पुरजोर साथ रहने के लिए कहा। जिला प्रधान मनीष यादव ने सांकेतिक धरना कल भी इसी तरह जारी रखने की घोषणा की। इस अवसर पर सुभाष, अमित गिरदावर, योगेश पटवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा, जिला प्रेस सचिव विजय पूनिया, प्रदीप, धर्मचंद कानूनगो, महेंद्र पटवारी, इंद्रलाल पटवारी, प्रवीण पटवारी, विजय पटवारी, रामबीर कानूनगो, ओमप्रकाश कानूनगो मौजूद रहे।
सुबह से रजिस्टरी के लिए चक्कर काट रहा हूं, लेकिन कागज पर पटवारी के हस्ताक्षर होने थे। वह नहीं हो सके। इसलिए रजिस्टरी का काम रुक गया है।
नवीन, निवासी झज्जर
अपनी फर्द निकलवाना चाहता हूं, लेकिन पटवारी द्वारा सत्यापित नहीं करने के कारण फर्द की नकल नहीं मिल रही है। हड़ताल के चलते दो दिन से काम नहीं हो रहा।
मुकेश, खातीवास