झज्जर। नीट परीक्षा को दोबारा कराने की मांग तेज हो गई है। न्याय संघर्ष समिति के सदस्यों ने लघु सचिवालय में एसडीएम से मिलकर परीक्षा दोबारा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि यदि परीक्षा दोबारा नहीं हुई तो समिति आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
न्याय संघर्ष समिति के पदाधिकारी रमेश जाखड़ ने बताया कि बहादुरगढ़ के कई परीक्षा केंद्र स्कूलों में बनाए गए थे। इसमें अभ्यार्थियों को दो अलग अलग कोड के प्रश्न पत्र वितरित किए गए। अधिकतर छात्रों ने दोनों कोड के प्रश्न पत्र खोले। बाद में परीक्षक ने एक कोड के प्रश्न पत्र वापस ले लिए और दूसरे कोड के प्रश्न पत्र हल करने के लिए दिए गए। इस पूरी प्रक्रिया में बच्चों का लगभग आधा घंटा का समय बर्बाद हो गया।
इस समस्या को लेकर पूरी परीक्षा के दौरान बच्चे आशंकित एवं मानसिक तनाव में रहे। बच्चे एकाग्रता के साथ प्रश्न पत्र हल नहीं कर सके। बच्चों को अतिरिक्त समय प्रदान नहीं किया गया। परीक्षा में ग्रेस मार्क भी प्रदर्शित नहीं है। उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए एसडीएम रविन्द्र यादव को ज्ञापन दिया और कार्रवाई करने की मांग की।न्याय संघर्ष समिति व आम आदमी पार्टी की महिला नेता अभिता ने सरकार की नई शिक्षा नीति पर भी सवालिया निशान उठाए हैं और इसमें पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि नीट की परीक्षा को दोबारा से करवाया जाए और उसे पर अच्छे से विचार मंथन किया जाए।
इस अवसर पर सरोज दुजाना, जयपाल गुढा, सतबीर, सूबेदार रमेश फौगाट, नरेश शर्मा, हेडमास्टर राजवीर, सुरेंद्र नांगल,राजेश, राजेंद्र जून, बिजेंद्र कुमार, प्रवीण शर्मा, सतबीर तलाव, इंद्रजीत, संजीत धनखड़ माैजूद रहे।