तीन नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के टीकरी बार्डर पड़ाव में पंजाब के एक किसान की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
पंजाब के जिला मुक्तसर की तहसील गिदड़बाहा के गांव गुटरगू गुहा निवासी 75 वर्षीय गुरदयाल सिंह पुत्र अर्जुन सिंह शुरुआत से ही किसान आंदोलन में सक्रियता से भाग ले रहे थे। दूसरे आंदोलनकारियों की तरह वह भी बीच-बीच में अपने घर चले जाते थे। फिलहाल वह गत सोमवार को ही पंजाब से आए थे और बहादुरगढ़ बाईपास पर पकौड़ा चौक के निकट ठहरे थे। वीरवार सुबह करीब साढ़े सात बजे उनको पथरी का दर्द उठा। दवा दी गई मगर दर्द कम नहीं हुआ। साथी किसानों ने उन्हेें शहर में झज्जर रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से इसकी सूचना थाना सदर की एचएल चौकी पुलिस को दी गई। पुलिस ने अस्पताल पहुंच मामले की जांच शुरू की। मृतक के परिजनों को सूचित किया गया। परिजनों के आने के बाद उनके बयान लेकर पोस्टमार्टम करवा पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) और भाकियू राजेवाल समेत तमाम किसान संगठनों ने बुजुर्ग किसान गुरदयाल सिंह की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया है।