झज्जर। करीब सवा माह से मांगाें को लेकर जिला मुख्यालय पर धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं ने बुधवार को चम्मच से थाली बजाते हुए सरकार को जगाने का प्रयास किया।
लघु सचिवालय पर चल रहे धरने की अध्यक्षता कविता और संचालन पूनम छारा ने किया। सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामवीर ने बताया आज हर एक विभाग दुखी है इस सरकार के रवैया से क्योंकि सरकार कच्ची भर्ती करती है। निजीकरण कौशल रोजगार निगम जैसी नई नीति नई नीतियां लेकर आई है जो आम जनता के लिए बहुत ही खतरनाक है। सीटू की जिला सचिव किरण ने बोलते हुए बताया कि आशाओं के हड़ताल पर जाने के बाद जो हमारा ग्राउंड लेवल का काम है वह प्रभावित हो रहा है। आशा वर्कर शहर में प्रदर्शन करते हुए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ के बैंक रोड़ स्थित आवास पर पहुंची, लेकिन वहां पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के न मिलने पर वे उनके आवास के बाहर सड़क पर बैठ गए। आशा वर्करों का कहना था कि उन्होंने अपनी मांगों का ज्ञापन देने के लिए पहले ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ को सूचित कर दिया था, लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद भी वह अपने आवास पर नहीं मिले। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों का सरकार उदाहरण दे रही है। लेकिन सरकार को यह नहीं पता कि 26 हजार जो उनके वेतन की मांग है वह जायज है। सरकार पर आशा वर्करों ने दमनकारी नीतियां अपनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक उनका धरना और आंदोलन यूं ही जारी रहेगा। बुधवार को धरने में मूर्ति, सविता, सुमन, ललिता, रेखा सुनीता सुनील आदि ने भी धरने को संबोधित किया।