झज्जर। जिला कारागार में रविवार की रात करीब एक बजे हत्या के मामले में बंद कैदी की तबीयत खराब हो गई। जिसे जिला कारागार प्रशासन की ओर से जिला कारागार के अस्पताल से गंभीर हालत में सामान्य अस्पताल में भेजा गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले की सूचना जेल प्रशासन की तरफ से पुलिस व मृतक के परिजनों को दी गई। सोमवार की दोपहर बाद मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के बीच चिकित्सकों के बोर्ड से करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतक की पहचान राजेश पुत्र रोहताश गांव कुकडोला के रूप में हुई है। पुलिस जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि घटना की सूचना जिला कारागार प्रशासन की ओर से परिजनों व दुलीना चौकी प्रभारी को दी गई थी। कैदी 1999 में किसी जमीनी विवाद के चलते पड़ोसी गांव बामड़ोला के व्यक्ति शिव कुमार के हत्या के मामले में जेल में बंद था।
परिजनों ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर करीब एक महीना पहले राजेश की पैरोल रद्द हो गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव का कोई व्यक्ति जिसकी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। राजेश ने उसकी चिंता से मांस का टुकड़ा निकाला। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को शिकायत दे दी। जिसके चलते कैदी की पैरोल रद्द हो गई। परिजनों के अनुसार घटना के बाद से वह काफी दिनों से परेशान चल रहा था। रविवार रात को ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। जिसके बाद जिला कारागार प्रशासन की ओर से दुलीना चौक प्रभारी को आगामी कार्रवाई के लिए पत्र जारी कर कैदी के बारे में सूचना दी गई।
सामान्य अस्पताल में कैदी की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट विनय शर्मा के निर्देश पर मृतक कैदी के शव का पोस्टमार्टम बोर्ड गठित करने के बाद वीडियोग्राफी के साथ कराया गया। वहीं खुद मजिस्ट्रेट विनय शर्मा ने सामान्य अस्पातल में पोस्टमार्टम व पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी ली। इस विषय में परिजनों से भी बातचीत की गई व जिला कारागार के उप अधीक्षक जंगशेर से भी इस विषय में जानकारी ली गई।
रात करीब एक बजे कैदी की तबीयत खराब हो गई थी। जिसका पहले सामान्य अस्पताल में इलाज करवाया जिसके बाद चिकित्सकों की ओर से सामान्य अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।