संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। गांव बादली निवासी सामाजिक सरोकार रखने वाली पूनम गुलिया जिला बाल कल्याण परिषद के अंतर्गत चल रहे उमंग जगन्नाथ आश्रम में सेवाएं दे रही हैं और करीब 110 गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने का कार्य कर चुकी हैं। बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने के लिए पूनम गुलिया कोलकाता व अन्य कई दूर दराज तक सफर कर चुकी हैं। उनके इस कार्य के लिए विभाग व प्रशासन द्वारा कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
नारी सशक्तीकरण को आगे बढ़ाने के लिए पूनम महिलाओं व बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं। यही नहीं पूनम गुलिया लड़कियों को खेलों में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही हैं और स्वयं भी राज्य व जिलास्तर की धावक हैं। वह अपनी प्रतिभा के दम पर कई पदक लाकर जिले का नाम रोशन कर चुकी हैं। बच्चों को अपने स्वास्थ्य को बेहतरीन व स्वस्थ रखने के लिए टिप्स भी दे रही हैं।
पूनम ने बताया कि सामाजिक सरोकार रखते हुए वह लगातार सामाजिक कार्यों के अलावा विभाग के कार्यों में आगे बढ़ते हुए 110 बच्चों को, जोकि किन्हीं कारणों से गुमशुदा हो गए थे, उनके परिवार परिवार जनों से मिलवा चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इसी कर्म को आगे जारी रखेंगी।
पूनम ने पंचकूला में 100 मीटर की दौड़ स्पर्धा में तृतीय स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि बीते दिनों पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चल रही चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया। पिछले दिनों पूनम ने करनाल में आयोजित राज्यस्तरीय चैंपियनशिप में प्रथम स्थान हासिल किया था।
तत्कालीन जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि पूनम बाल गृह बहादुरगढ़ व बादली बालभवन की गतिविधियों में काफी सक्रिय रहती हैं और अपने प्रयास से करीब सैकड़ों बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने में अहम योगदान दिया है। पूनम गुलिया ने बताया कि इस काम के लिए उनके परिजन भी उन्हें बेहतर सहयोग दे रहे हैं।