बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ में कूड़े के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की तैयारियां हो चुकी हैं। इस पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने कड़ा संज्ञान लिया है। 10 फैक्टरियों को विभाग की तरफ से नोटिस भी दिए गए थे। वहीं अब बल्क वेस्ट जनरेट करने वाली 34 और बड़ी फुटवियर कंपनियों को नोटिस थमाए गए हैं। जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
फैक्टरी संचालकों ने इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से भी संपर्क करना शुरू कर दिया है। फैक्टरी संचालक इस मामले में अधिकारियों से आगामी कार्रवाई न करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि अधिकारी इस दिशा में पूरी तरह कार्रवाई का मन बना चुके हैं और कह रहे हैं कि कार्रवाई नियमानुसार होगी। कुछ फैक्टरी संचालक मिलीभगत से इस मामले में पर्दा डालने की तैयारियों में लगे हुए हैं। दूसरे चरण में बोर्ड ने उन फैक्ट्री संचालकों को नोटिस दिए हैं जो हर रोज 15 हजार व इससे ज्यादा फुटवियर प्रोडक्ट बनाते हैं। जाहिर है कि जो ज्यादा फुटवियर बनाता है, उसके यहां से फुटवियर का कूड़ा भी अधिक निकलता है।
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धाराओं का हो रहा उल्लंघन
बोर्ड ने इन फैक्टरियों को नोटिस देकर कहा, उनकी ओर से कूड़े का अवैध कारोबार करके पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 5, 15 और 16/17 का उल्लंघन किया जा रहा है। साथ ही फैक्टरियों की ओर से कूड़े का उचित निष्पादन करने वाली कंपनियों से अनुबंध नहीं किया और बोर्ड से खतरनाक और अन्य अपशिष्ट (प्रबंधन और सीमा पार संचलन) नियम 2016 के तहत अनुमति नहीं ली। इस तरह ये फुटवियर फैक्टरियों बहादुरगढ़ में पर्यावरण को प्रदूषित करने का बड़ा कारण बन रही हैं। ऐसे में इन फैक्टरियों को नोटिस देते हुए उसका जवाब देने और नियमानुसार कूड़े का निष्पादन करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में संबंधित फैक्टरियों की ओर से नियमानुसार कूड़े का निष्पादन नहीं किया गया तो बोर्ड की ओर से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 5, 15 और 16/17 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बोर्ड की पॉलिसी के अनुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क भी इन फैक्ट्रियों से वसूला जाएगा। इतना ही नहीं इन फैक्ट्रियों के बिजली व पानी के कनेक्शन भी कटवा दिए जाएंगे।
ये फैक्टरियों को दिए नेटिस
एमआइई पार्ट-बी में स्थित कोलंबस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, जीएसबी फुटवियर, एआरवी फुटवियर, गिरधर पोलीमर प्राइवेट लिमिटेड, जयश्री लक्ष्मी पोलीमर, केशव इंडिया फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड नंबर एक, केशव इंडिया फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड नंबर दो, माइल रन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नर्मदा फुट केयर, पोली ईवा प्रोडक्ट, ट्रेक्टोन फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड, विनटेक्स फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड, वेलकम पोलीमर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कोलंबस प्रीमियर शूज प्राइवेट लिमिटेड, गोकुल फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड, एक्वालाइट इंडस्ट्रीज प्लाट नंबर-11, एक्वालाइट इंडस्ट्री प्लाट नंबर 12, एक्वालाइट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड प्लाट नंबर-363, एक्वालाइट इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड प्लाट नंबर 335, एक्वालाइट रबर एंड प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड, एक्वालाइट इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड प्लाट नंबर 1458-59, एक्वालाइट इंडस्ट्री प्राइवेट लिमिटेड प्लाट नंबर 1589-90, एक्शन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, अभय फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड, अग्रसेन शूज प्राइवेट लिमिटेड, एपी प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, सीबीटी फुटवियर, डायमंड फुटवियर, इना फुटवियर, फाइनग्रिप पोलीमर प्लाट नंबर 616, फाइनग्रिप पोलीमर प्लाट नंबर 663, गायत्री पोलीमर प्राइवेट लिमिटेड, सेक्टर-16 स्थित इंडियन प्लास्टिक फुटवियर एंड क्लथिंग प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस दिए गए हैं।
इन कंपनियों को पहले भेजे गए थे नोटिस
बोर्ड ने जेक्यूआर स्पोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, प्लाट 253, सेक्टर 17, जेक्यूआर स्पोर्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड प्लाट 300, सेक्टर 17, एक्वालाइट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, एवरीडे शूज कंपनी, वेलकम फुटवियर प्लाट नंबर-300 सेक्टर-17, वेलकम फुटवियर प्लाट नंबर 310 सेक्टर-17, एक्शन उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, वालकरो इंटरनेशनल, टुडे फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड व एयरसिटी शूज प्राइवेट लिमिटेड को पहले नोटिस दिए थे।
वर्जन...
कूड़ा डंप करने वाली फुटवियर कंपनियों पर कार्रवाई होगी। ऐसी फैक्ट्रियों को प्रथम चरण में नोटिस दिए गए हैं। यदि 15 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो इन फैक्ट्रियों को क्लोजर नोटिस थमाए जाएंगे। इतना ही नहीं, इन फैक्ट्रियों पर प्रदूषण फैलाने के आरोप में पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क भी वसूला जाएगा।
-अमित दहिया, सहायक पर्यावरण अभियंता, एचएसपीसीबी, बहादुरगढ़।