संग्रह इम्तिहान बाकी है का लोकार्पण करते कवि व अन्य।
बहादुरगढ़। कलमवीर विचार मंच की स्थानीय शाखा की ओर से रविवार को क्षेत्र के कवि सतपाल स्नेही की स्मृति में काव्योत्सव का आयोजन किया गया। साहित्यकार ज्ञान प्रकाश विवेक के सान्निध्य में हुए काव्योत्सव की अध्यक्षता सोनीपत से आए स्वास्थ्यकर्मी तूहीराम शर्मा ने की। जबकि रामधारी खटकड़ (रोहतक) व पुष्पलता आर्य (चरखी दादरी) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। तीन घंटे तक चले इस कार्यक्रम का मंच संचालन गीतकार कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने किया। इस अवसर पर सतपाल स्नेही के गजल संग्रह इम्तिहान बाकी है का लोकार्पण प्रमुख आकर्षण रहा। काव्योत्सव में दिल्ली व हरियाणा के कलमवीरों ने जहां स्नेही के जीवन, लेखन शैली व निजी अंतरंगता से जुड़े अनेक प्रसंग व संस्मरण सुनाए। वहीं पुष्पलता आर्य, कृष्ण गोपाल विद्यार्थी व मोहित कौशिक ने रचनाओं का पाठ किया। दिल्ली से पधारे काली शंकर सौम्य, सीमा वत्स, मनदीप कौर, हरियाणा के कवि अशोक ढोरिया व कवयित्री दलवंती सहरावत आदि ने जीवन से जुड़े कई मुद्दों पर मर्मस्पर्शी कविताएं प्रस्तुत की। इस अवसर पर मंच के क्षेत्रीय कलमकारों डॉ. मंजू दलाल, विरेंद्र कौशिक, विनोद गिरधर, अर्चना गोयल माही, कुमार राघव, अनिल भारतीय, कौशल समीर, किशोर मनु, नीलू कक्कड़, शील भारद्वाज, सचिन गुप्ता व सुरेश दलाल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में सार्थक व सचित ने शास्त्रीय संगीत पर रचनाएं प्रस्तुत की और सूर्यांशी ने एक बाल कविता सुनाई। इस अवसर पर कवि काली शंकर सौम्य ने स्नेही परिवार को शब्दांकुर सम्मान से नवाजा व आयोजकों द्वारा अतिथि कलमवीरों को शॉल व गजल संग्रह की एक एक प्रति भेंट कर सम्मानित किया गया।