बहादुरगढ़ से टीकरी बॉर्डर की तरफ जाते लोग।
बहादुरगढ़। किसान के दिल्ली कूच की आहट के बाद से टीकरी बॉर्डर और सेक्टर-9 मोड़ पर कड़े बंदोबस्त हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहां आईटीबीपी, सीआरपीएफ व बीएसएफ के साथ-साथ हरियाणा और दिल्ली पुलिस की तैनात की गई है। लेकिन बॉर्डर बंद होने का खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है। टीकरी बॉर्डर जाने के लिए या तो उन्हें ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं या फिर पैदल ही दौड़ लगानी पड़ रही है।
बहादुरगढ़ सेक्टर-9 मोड़ पर जहां झज्जर पुलिस ने बैरिकेडिंग की है, वहीं टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। दोनों बैरिकेडिंग के बीच की दूरी एक किलोमीटर से भी कम है। इस दूरी को तय करने में लोगों को पैदल ही दौड़ लगानी पड़ रही है, क्योंकि ऑटो चालक भी टीकरी बॉर्डर पर बंद सीमा के नजदीक खड़े रहते हैं। यहां से जाने का कोई साधन लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दिल्ली सीमा से बहादुरगढ़ की तरफ आते हुए ऑटो आसानी से मिल रहे हैं। रविवार को भी हजारों लोग परेशान रहे। ऑटो चालकों ने भी दिल्ली टीकरी बॉर्डर बैरिकेडिंग से सेक्टर-9 बैरिकेडिंग तक की दूरी के 10 रुपये और बहादुरगढ़ तक पहुंचाने के 20 रुपये तय किए हैं। ऑटो चालक रवि कुमार, अमित शर्मा, विजेंद्र ने बताया कि आम दिनों में बहादुरगढ़ से टीकरी बॉर्डर तक ऑटो चलाते थे, लेकिन अब सेक्टर-9 मोड़ पर बैरिकेडिंग करने के बाद समस्या खड़ी हो गई है। ऑटो किराये पर चलाते हैं, यहां दिन भर की दिहाड़ी भी नहीं निकल पाती। ऐसे में उन्होंने टीकरी बॉर्डर से सेक्टर-9 मोड़ बैरिकेडिंग तक ऑटो चलाना शुरू किया है, लेकिन यहां से सवारियां भी कम ही मिल रही हैं। सेक्टर-9 मोड़ तक भाड़ा 10 रुपये और बहादुरगढ़ पुराना बस स्टैंड तक 20 रुपये तय किए हैं। बहादुरगढ़ बस स्टैंड तक जाने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि सेक्टर-9 मोड़ तक दूरी कम है। इसी वजह से किराया भी कम किया है।