बहादुरगढ़। इस बार रक्षा बधंन दो दिन मनाया जाएगा। इस बार बाजार में एक से बढ़कर एक राखियां मौजूद हैं। इस बार बाजार में मोरपंखी, कार्टून व मोती-रुद्राक्ष की राखियां उपलब्ध हैं। बाजार में खरीददारी शुरू हो गई है। भाईयों के लिए बहनों ने रखी खरीदनी शुरू कर दी है।
शहर के रेलवे रोड़ पर अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक, नाहरा-नाहरी रोड़, मेन बाजार, नजफगढ़ रोड़, दिल्ली-रोहतक रोड़, झज्जर रोड़ के अलावा अन्य बाजारों में राखियों की दुकानें सज गई हैं। दुकानों पर रखी सुंदर-सुंदर राखियां बहनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी है। बच्चों के लिए मोरपंखी, कार्टून, मोती-रुद्राक्ष, म्यूजिक और टेडी वाली राखियां खरीदी जा रही हैं। शहर में तमाम स्थानों पर अस्थायी दुकानें भी लगने लगी हैं। रेलवे रोड़ पर हर बार राखियों की दुकान लगाने वाले विजय कुमार ने बताया कि बहादुरगढ़ में दिल्ली के अलावा अन्य कई स्थानों अहमदाबाद से राखियां आती हैं। मैटल में काफी आकर्षक राखियां हैं जो खूब पसंद की जा रही हैं। पहले चाइनीज राखियां भी आती थी, लेकिन अब सभी राखियां स्वदेशी हैं। फुटकर बिक्री शुरू हो चुकी है। साथ ही गांवों के दुकानदार भी राखी ले जा रहे हैं। राखी का पर्व 31 अगस्त को है। इस पर्व में अभी कई दिन शेष हैं। दो दिनों बाद राखियों की बिक्री में काफी तेजी आएगी। एक दिन में ही सारा माल बिक जाएगा। मेन बाजार के दुकानदार संजय सिंह ने बताया कि राखियों की कीमत 10 रुपये से 200 रुपये के बीच हैं। अधिकतम मध्यमवर्गीय लोग 50 रुपये से 100 रुपये के बीच की राखियां पसंद करते हैं।