झज्जर।जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी स्वास्थ्य विभाग द्वारा लघु सचिवालय स्थित संवाद भवन में एचआईवी एड्स को लेकर जिला स्तरीय रेड रिबन क्लब के अंतर्गत पियर एजुकेटर एवं रेड रिबन क्लब इंचार्ज को वर्कशॉप कार्यक्रम में ट्रेनिंग दी गई।
वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में सिविल सर्जन डॉक्टर ब्रह्मदीप सिंह ने कहा कि रोगी की पहचान रोग से नहीं होती बल्कि उसकी सोच अच्छी होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की रोग से निजात पाई जा सके। पहले एआरटी के लिए हमें पीजीआई रोहतक जाना पड़ता था, लेकिन आज झज्जर जिले में ही एआरटी की दवाई एआरटी सेंटर बहादुरगढ़ एवं एआरटी सेंटर गिरावड़ वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज मिलने लगी है। एआरटी केंद्र से क्षेत्र के लोगों में दवाई लेने के लिए सहूलियत हो गई है। हमें बीमारियों से दूर रहने के लिए नशे जैसी बीमारी से दूर रहना होगा। नशे की दोस्ती अच्छी नहीं होती, इसलिए हमें नशे को अपने समाज से दूर करना होगा। जिला कंट्रोल सोसायटी नोडल अधिकारी डॉ. कुणाल आदि मौजूद रहे।
जिले भर में सरकार द्वारा चलाई जा एड्स रोगियों के लिए पेंशन योजना में अभी 2250 रुपए के हिसाब से 44 लाख रुपए पेंशन दी जा चुकी है। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम मित्रता क्लीनिक जिला अर्श काउंसलर संदीप कुमार जांगड़ा ने किया। वर्कशॉप में मुख्य वक्ता के रूप में टीबी जिला मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर निशा डाबर एवं एड्स काउंसलर अंजू ने पीपीटी के माध्यम से एचआईवी एड्स, टीबी व अन्य विषयों पर उपस्थित प्रतिभागियों को ट्रेनिंग देकर जागरूक किया।इस मौके पर एड्स काउंसलर राजेंद्र कुमार महाजन, शशि सैनी, सुभाष, एसटीआई काउंसलर देव कुमार, एलटी राजीव, पीपीएम मीनाक्षी, एकाउंटेंट अखिल, सहायक राजीव वर्मा उपस्थित रहे।