झज्जर। मुख्यमंत्री के पंचकूला में हुए शपथ ग्रहण समारोह में झज्जर डिपो से 89 बसें भेजी गईं। इस कारण भिवानी, हिसार, रोहतक, खरखौदा, सोनीपत, चड़ीगढ़ और लोकल रूटों पर जाने के वाले यात्रियों को बसों का घंटों इंतजार करना पड़ा। बस स्टैंड पर दिन भर यात्रियों की भीड़ लगी रही। इससे यात्रियों को निजी बसों में सफर करना पड़ा।
वीरवार को मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में लोगों को ले जाने के लिए 89 बसों की मांग की गई थी। बुधवार को 40 बसें भेजी गईं और 49 बसें वीरवार को झज्जर डिपो से भेजी गई थीं। इसके कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोडवेज ने काउंटर पर भीड़ को देखकर 55 बसों का संचालन किया, फिर भी बसों की कमी के कारण यात्रियों काे दो-दो घंटों तक बसों को इंतजार करना पड़ा। जो बसें आ रही थीं, उनमें सवार होने के लिए लोगों में धक्कामुक्की करनी पड़ रही थी। झज्जर डिपो में वीरवार को बसें कम होने के कारण भिवानी जाने के लिए एक घंटा, हिसार के लिए डेढ़ से दाे घंटे, रोहतक के लिए एक घंटे, खरखौदा के लिए एक घंटा, चंडीगढ़ के लिए दाे घंटे, लोकल रूटों पर भी एक से डेढ़ घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा।
कुछ बसें आगे से ही भरी हुई आ रही थीं। इनमें खड़े होने के लिए भी जगह नहीं थी। लोगों को प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ रहा था। काउंटर पर बस लगते ही भर जा रही थीं। झज्जर डिपो में हरियाणा रोडवेज की 102 बसें हैं। किलाेमीटर स्कीम की 17 बसें है। शपथ ग्रहण समारोह में 89 बसों की मांग की गई थी। इसमें से बुधवार को 40 बसों को असंध भेजा गया था, जो लोगों को करनाल के अलग-अलग गांवों से पंचकूला लेकर गई।
वहीं वीरवार को जिले से 49 बसें भेजी गई थी। इसमें से 8 बसों में लोगों के कम होने कारण उनकी सहमति से दूसरी बसों में बैठाकर भेजे गए। पहले 15 से 30 मिनट में बसें आती थी, वहीं वीरवार को लोगों को दो घंटों तक भी इंतजार करना पड़ा।
इंसेट
इन रूटों पर चलाई गईं बसें
झज्जर-कोसली, रेवाड़ी-रोहतक, भिवानी-गुरुग्राम, हिसार-गुरुग्राम, गुरुग्राम-भिवानी, भिवानी-रोहतक, रोहतक-चंडीगढ़, रोहतक-जयपुर बसों को चलाया गया। इसके अलावा कुछ बसों को लोकल रूटों पर भी चलाया गया है।
वर्जन
मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए बुधवार को झज्जर डिपो से 40 बसों को असंध भेजा गया। जिले के अलग-अलग गांवों से लोगों के लिए 49 बसाें की मांग की गई थी। इसमें से 8 बसे डीघल टोल प्लाजा से आ गई थी। यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए जिन रूटों पर भीड़ थी, वहां पर बसों को भेजा गया।-रणबीर सिंह, सीआई, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो