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Jhajjar-Bahadurgarh News: ऑपरेटराें ने नहीं किया काम, मायूस लौटे लोग

Thu, 13 Jul 2023 01:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। वेतनमान को लेकर हड़ताल कर रहे लिपिकों के साथ कंप्यूटर ऑपरेटर भी आ गए हैं। लिपिकों के समर्थन में उन्होंने भी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करते हुए काम नहीं किया। ऐसे में तहसील सहित सरकारी कार्यालयों में काम काज पूरी तरह ठप हो गया। कार्यालयों में चल रहा थोड़ा बहुत काम भी बंद हो गया। बुधवार को कार्यालयों में पहुंचे लोग भटकते रहे और मायूस वापस लौट गए। बादली विधायक ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर लिपिकों को समर्थन दिया।
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लघु सचिवालय में बुधवार को कंप्यूटर ऑपरेटर की कुर्सियां खाली पड़ी रही जिसका खामियाजा आम आदमी को भुगतना पड़ा। पिछले एक सप्ताह से लिपिक हड़ताल पर थे। उसके स्थान पर ऑपरेटरों से काम चलाया जा रहा था। बुधवार को कंप्यूटर ऑपरेटर भी उनके समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच गए। जिससे सरकारी कार्यालयों में काम काज ठप हो गया।जिला कंप्यूटर ऑपरेटर के प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पर लिपिकों को अपना समर्थन दिया है। लिपिकों की मांग को नही माना गया तो आगामी 17 जुलाई को पूरी तरह से लिपिकों के समर्थन में आ जाएंगे और काम छोड़ उनके साथ दरी पर बैठकर समर्थन करेंगे। वहीं बादली के विधायक कुलदीप वत्स भी धरना स्थल पर पहुंचे और लिपिकों का समर्थन करते हुए उन्हें संबोधित किया। हड़ताल के दौरान अपने कामकाज करवाने आए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने बताया कि समय और पैसे दोनों की बर्बादी हुई है और उनका काम भी नहीं हुआ है, गौरतलब है कि लिपिकों, ऑपरेटर कंप्यूटर के धरने पर बैठने से लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं वाहन पंजीकरण, जमीन संबंधी काम, प्रमाण पत्र अन्य जरूरी काम लोगों के बाधित हो गए हैं।
- लोगों की प्रतिक्रियाएं:
मैं अपनी जमीन संबंधी काम करवाने के लिए लघु सचिवालय में आया था। अपनी जमीन की फर्द को निकलवाने के लिए पहुंचा तो देखा कि लिपिकों के अलावा कंप्यूटर ऑपरेटर भी अपनी कुर्सियों पर नहीं हैं। काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
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उदयवीर,कलोई।
मैं अपनी जमीन संबंधी काम करवाने के लिए लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र में पहुंचा तो देखा कि सभी कुर्सियां खाली पड़ी हुई हैं। मेरा जमीन संबंधी काम कई दिनों से अटका हुआ है लेकिन नहीं हो रहा, क्योंकि लिपिकों की हड़ताल जारी है। उन्होंने देखा कि ऑपरेटर भी हड़ताल पर चले गए हैं तो उन्हें काफी परेशानी हुई है।
संदीप गुलिया, सरपंच पेलपा।
मैं लोहारी गांव से अपना रिहायसी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आया था लेकिन वह नहीं बन पाया। कल से चक्कर कटा काट रहा हूं।
हितेश कुमार।
मैं 6 से 7 बार लघु सचिवालय में अपना रिहायशी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आ चुका हूं। मेरे गांव से एक साइड का आने जाने का किराया 100 रुपये लगता है। जिससे उसे समय और आर्थिक तौर पर नुकसान हो रहा है लेकिन उसका काम नहीं हो पाया।
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नितिन कुमार।
गांव के जमीनी काम को करवाने के लिए आया था,लेकिन लिपिकों व कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल से काम नही हो पाया।
महाबीर सिंह,संरपच, सिलानी जालिम।
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