उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त एनआर फुले ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की ओर से वैट के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना की घोषणा की गई है। यह योजना 30 मार्च तक लागू रहेगी।
गणपति धाम स्थित कोबी कार्यालय में इस योजना की जानकारी उद्यमियों व व्यापारियों को देने के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई गई है। यह झज्जर जिले की पहली सरकारी हेल्प डेस्क है। एनआर फुले ने बताया कि यह योजना एक जनवरी से लेकर 30 मार्च तक के लिए हरियाणा सरकार द्वारा चलाई गई है जिसके माध्यम से बिना किसी पेनल्टी या ब्याज के लंबित देय राशि का भुगतान अधिकतम 70 प्रतिशत तक की छूट के साथ किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जिन व्यापारियों व उद्यमियों का वैट की देय राशि से संबंधित मामला है, उनके लिए यह सुनहरा अवसर है। ऐसे लोगों को समय रहते इसका लाभ उठाना चाहिए। इस योजना को बेहतर ढंग से समझने के लिए सोमवार से शुक्रवार शाम 4-5 बजे के बीच कोबी के कार्यालय में बनाई गई हेल्प डेस्क से व्यापारी मार्गदर्शन ले सकते हैं।
कोबी प्रधान प्रवीण गर्ग ने बताया कि हरियाणा में 1 जुलाई 2017 से पहले का करीब 38 हजार करोड़ का टैक्स बकाया है। झज्जर जिले के 30 जून 2017 तक के लगभग 950 करोड़ रुपये और लगभग नौ हजार मामले लंबित हैं।
उन्होंने बताया कि जिस भी व्यापारी ने 30 जून 2017 तक के टैक्स को एडमिट कर रखा है, उन्हें केवल 100 प्रतिशत टैक्स की राशि देनी होगी। उनसे कोई पेनल्टी व ब्याज नहीं लिया जाएगा। जिन व्यापारियों का विभाग से टैक्स बारे विवाद चल रहा है और उन्होंने अपील कर रखी है या कोर्ट में विवाद चल रहा है उनके लिए बड़ी राहत है। यदि उनकी आउटस्टैंडिंग अमाउंट 50 लाख से कम है, तो उन्हें आउटस्टैंडिंग अमाउंट का केवल 30 प्रतिशत देना होगा और ब्याज व पेनल्टी पूरी तरह से माफ होगी।