जींद। चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन श्रद्धालुओं ने कंजक पूजन कर उपवास खोला। सुबह से ही गलियों और मोहल्लों में जय माता दी के जयघोष के साथ भक्तिमय माहौल बना रहा। अष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने घरों में विशेष साज-सज्जा की और मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा की। परंपरा के अनुसार नौ वर्ष से कम आयु की कन्याओं को माता के स्वरूप में आमंत्रित किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ नन्हीं कन्याओं के पांव पखारे, उन्हें तिलक लगाया और कलावा बांधकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। कन्याओं को पूरी, हलवा, चने और खीर का विशेष प्रसाद खिलाया गया। इसके बाद सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा, फल और उपहार भेंट कर उन्हें विदा किया गया। श्रद्धालुओं ने माता रानी को नारियल, चुनरी और शृंगार की वस्तुएं अर्पित कीं। संवाद