अखाड़े में अभ्यास करतीं महिला पहलवान।
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झज्जर के अखाड़ों में महिला पहलवानों के रूप में स्वर्णिम भविष्य की तस्वीर बनाई जा रही है। इन अखाड़ों में महिला पहलवानों की संख्या साल-दर साल बढ़ती जा रही है। विदेशी धरती पर ये पहलवान इतिहास रच रही हैं। इस समय खानपुर खुर्द, सासरौली, खाचरौली, छारा सहित झज्जर जिले के विभिन्न अखाड़ों में 70 से 80 महिला पहलवान कुश्ती के दांव सीख रही हैं।
इन अखाड़ों में तैयार हो रहीं महिला पहलवानों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुश्ती के प्रति लड़कियों में उत्साह किस कदर बढ़ रहा है। खानपुर खुर्द के कृष्ण अखाड़े की दो महिला पहलवानों ने किर्गिजस्तान के बिश्केक में हुई एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इससे पहले इस अखाड़े की पहलवान नेहा बजाड़ 2017 में जूनियर एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
नेहा को विरासत में मिली कुश्ती
एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में कृष्ण अखाड़ा खानपुर खुर्द की 16 वर्षीय खिलाड़ी नेहा सांगवान ने 17 वर्ष आयु वर्ग व 57 किलो भारवर्ग में स्वर्ण पदक प्राप्त कर भारत का नाम रोशन किया है। नेहा का जन्म चरखी दादरी जिले के बलाली गांव के एक साधारण परिवार में हुआ है। उनके पिता चार एकड़ जमीन के मालिक हैं। नेहा सांगवान को दादा करतार सिंह व पिता अमित पहलवान से कुश्ती की सीख विरासत में मिली है।
नेहा ने पिछले साल बहरीन के पनामा में आयोजित हुई एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था। पिछले साल 15 वर्ष आयु वर्ग के 54 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। लगातार दूसरे साल वे एशियन चैंपियनशिप में विजेता रही हैं।
अंजलि ने चीन की पहलवान को मात देकर जीता था स्वर्ण
18 वर्षीय खिलाड़ी अंजलि गहलावत (निवासी झामरी 19 आयुवर्ग व 59 किलो भारवर्ग) ने चीन की पहलवान झुओमलगा को जोरदार पटकनी देते हुए स्वर्ण पदक प्राप्त कर एक खास उपलब्धि अपने नाम की है। इससे पहले उनकी बड़ी बहन सुनीता गहलावत भी वर्ष 2018 में जापान में आयोजित हुई एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में भाग ले चुकी हैं। अखाड़ा संचालक कृष्ण पहलवान व कोच सज्जन सिंह मंदौला ने कहा है कि दोनों बेटियों के पदक जीतने के बाद अखाड़े में महिला पहलवानों की संख्या बढ़ रही है।