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Jhajjar-Bahadurgarh News: नप ठेकेदार ने 7 माह में 17.50 लाख में एक हजार बंदर पकड़े, फिर भी शहर में बंदरों का उत्पात

Wed, 25 Oct 2023 12:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर अनाज मंडी में बंदरों का आतंक होने के कारण लोगों को लिए परेशानियां।
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झज्जर। शहर में बंदरों ने लोगों का घरों, गलियों से निकलना मुश्किल कर दिया है। हाथ में सामान देखते ही बंदर उस पर झपट पड़ते हैं और लोगों को काट भी लेते हैं। नगर परिषद ने बंदर पकड़ने के लिए ठेका भी दिया हुआ, लेकिन 7 माह में एक हजार बंदर ही पकड़े जा सके हैं जबकि शहर से तीन हजार बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगलों में छोड़ा जाना है। नगर परिषद बंदर पकड़ने के लिए ठेकेदार को 1750 रुपये प्रति बंदर के हिसाब से दे रही है। अब तक 17 लाख 50 हजार रुपये भी खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन बंदरों का आतंक कम नहीं हो रहा है। बंदरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि शहरवासी अपनी छतों पर जाने से भी कतराते हैं। आए दिन बाजार में बंदर लोगों, छोटे बच्चों को काट कर घायल कर रहें हैं। पिछले दिनों शहर के डायमंड चौक, चौपटा बाजार, हरिपुरा मोहल्ला व अन्य जगहों पर काफी लोगों को काट चुके हैं।
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25 लाख रुपये का लगाया गया था टेंडर
शहर के बंदर पकड़ने के लिए करीब 25 लाख रुपये का टेंडर नप ने दिया हुआ है। लगभग 1000 के करीब बंदर पकड़कर कलेसर के जंगल में छोड़ दिए गए है। 9 मार्च से बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर एजेंसी को दिए थे। अब तक एक हजार बंदर पकड़कर 17.50 लाख रुपये का बिल बन चुका है।

हाथ से सामान छीन लेते हैं बंदर
व्यापार मंडल के प्रधान राकेश अरोडा, सतपाल सैनी, ममता रानी, शकुंतला देवी, बिमला शर्मा, पुष्पा शर्मा, लक्ष्मी देवी, कुसुमलता, रेखा रानी, निर्मला देवी, सरला, पूनम, जगदीश गेरा, ने बताया कि बंदर छतों पर सूखाए गए कपड़ों को फाड़ देते हैं। घरों में रखे फ्रिज से सामान नहीं छोड़ते। बंदरों से छुटकारा पाने को लेकर कई बार नगरपालिका प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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वर्जन
लगभग तीन हजार बंदर पकड़ने का ठेका उनको मिला हैं। अब तक करीब 1400 बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगल में छोड़ दिया हैं। बंदरों का पकड़ने के लिए टीम पिछले सप्ताह आ गई हैं। शहर के बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया गया हैं। जनवरी तक बंदर पकड़ने की समय सीमा बढ़ा दी गई हैं। 1750 रुपये में एक बंदर पकड़ा जा रहा हैं।
राजेश कुमार, ठेकेदार

वर्जन
शहर से बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर दिया गया हैं। अब बंदरों को पकड़ने का काम शुरू कर दिया हैं। शहर को बंदर मुक्त करवाने के लिए नप के प्रयास जारी हैं।
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राजेश मेहता, सचिव नगर परिषद, झज्जर।
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