झज्जर। परिवार पहचान पत्र में त्रुटियों को ठीक करने को लेकर लगाए जा रहे शिविरों का रविवार को नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर ऑपरेटर व अन्य कर्मचारी नदारद मिले। ऐसे में लोगों को वापस जाना पड़ रहा था। चेयरमैन ने इस संबंध में लोगों से भी बातचीत की तो सामने आया कि कर्मचारी ही नहीं आए। इस पर चेयरमैन ने डीसी, एडीसी से बातचीत की और गैर हाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
शिकायत पर डीसी, एडीसी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चेयरमैन ने इस पर भी एतराज जताया कि कैंपों को लेकर किसी जनप्रतिनिधि को नहीं बताया गया, इस कारण आम जनता को सूचना नहीं मिली। यहां तक की पार्षदों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने भाजपा चुनावी कार्यालय के पास लगे शिविर का दौरा किया, लेकिन यहां कोई नहीं मिला। कम्युनिटी सेंटर में एक ऑपरेटर व तीन शिक्षक काम कर रहे थे। इसके बाद वह सवेरा स्कूल गए। वहां चार कुर्सियां लगी हुई थी, लेकिन कोई कर्मी नहीं था। वहां तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने चेयरमैन ने बताया कि सुबह एक बार कर्मी आए थे, लेकिन कुछ देर बाद चले गए। छावनी मोहल्ला में लगे शिविर में दो शिक्षक बैठे थे, लेकिन ऑपरेटर नहीं था। इसी प्रकार दमकल कार्यालय में भी दो कर्मी थी। कर्मियों ने बताया कि ऑपरेटर नहीं आ रहा। चेयरमैन ने कहा कि सरकार लोगों को सुविधा प्रदान कर रही है, लेकिन अधिकारी उसकी मॉनिटरिंग नहीं कर रहे और न ही जनप्रतिनिधियों को सूचना दी जा रही है। कुल 12 बिंदुओं पर लोगों की शिकायत निपटाई जानी है, लेकिन ऑपरेटर के न आने के कारण केवल जन्मतिथि सत्यापन का काम ही किया जा रहा है। इससे आम जनता को परेशानी हो रही है। इस अवसर पर पार्षद जयपाल, नवीन छाबड़ा, भाजपा जिला महामंत्री रामफल सैनी, मंडल अध्यक्ष केशव सिंघल, एडवोकेट पंकज शर्मा मौजूद रहे।