दहकोरा मोड़ पर रुका फ्लाईओवर बनाने का काम।
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ से रोहतक तक का सफर सुगम बनाने के लिए पांच फ्लाईओवर में से चार का काम 50 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। जबकि दहकोरा मोड़ के पास फ्लाईओवर का काम केवल 5 प्रतिशत ही हो पाया है। वन विभाग की ओर से पेड़ों को काटने के लिए नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया को इसके लिए एनओसी नहीं दी गई है। इसके चलते यह काम अटका है। ऐसे में अब प्रोजेक्ट पूरा होने में देर होगी। इस फ्लाईओवर पर करीब 120 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इसके पूरा होने के बाद हादसों में कमी आएगी।
बहादुरगढ़ से रोहतक के बीच पांच फ्लाईओवर बन रहे हैं। इनमें से तीन तो बहादुरगढ़ क्षेत्र में हैं। जबकि दो रोहतक में हैं। इन पांचों फ्लाईओवर पर 120 करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च होगी। बहादुरगढ़ में बाईपास पर बालौर चौक, नया गांव चौक और रोहद बाईपास पर दहकोरा मोड़ के पास फ्लाईओवर बन रहे हैं। वहीं रोहतक में सांपला बाईपास पर बेरी मार्ग के पास फ्लाईओवर बन रहा है। इसके बाद रोहतक में बाईपास पर फ्लाईओवर बन रहा है। इनमें से दहकोरा मोड़ पर काम अभी बेहद कम हुआ है। खुद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से ही यहां पर पांच प्रतिशत काम होने की बात कही जा रही है।
दहकोरा मोड़ है ब्लैक स्पॉट
नेशनल हाइवे नंबर 9 का दहकोरा मोड़ तो ब्लैक स्पाट है। यहां पर काफी जानलेवा हादसे हो चुके हैं। दहकोरा की तरफ जाने-आने के लिए वाहन चालक डिवाइडर के ऊपर से गुजरते हैं। इसी से हादसे होते हैं। यहां पर बाईपास के निर्माण के समय से ही इस फ्लाईओवर की जरूरत थी। मगर अब जाकर यह निर्माण होगा। नया गांव चौक काफी खतरनाक है। यहां पर कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। एक घटना में बाइक सवार तीन युवकों की हादसे में मौत हो गई थी। जबकि कुछ दिन पहले बाइक सवार मां-बेटे की बाइक को प्राइवेट बस ने रौंद दिया था। इस घटना में बाइक सवार महिला की मौत हो गई थी और उसका बेटा जख्मी हो गया था। वहीं बालौर-सिद्दीपुर मार्ग पर भी यही स्थिति है। यहां नेशनल हाइवे-9 के ऊपर से होकर वाहन गुजरते हैं। अब इन तीनों जगहों पर फ्लाईओवर बन रहे हैं। इससे हाइवे का सफर सुगम होगा और हादसों पर भी रोक लगेगी।
पांच में से चार प्रोजेक्ट पर तो काम तेजी से चल रहा है। बीच में प्रदूषण की वजह से निर्माण पर रोक के चलते काम नहीं हो पाया। दहकोरा मोड़ पर अभी ज्यादा काम नहीं हुआ है। यहां पर पेड़ों की कटाई न होने से काम रुका हुआ है।
- अमन कुमार, सहायक हाइवे इंजीनियर, एनएचएआई।