फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: नए कानून में महिला अपराध पर सख्ती, सहमति संबंध में धोखा देने पर जाना होगा जेल

Fri, 05 Jul 2024 06:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
बहादुरगढ़। 1 जुलाई से लागू भारतीय न्याय संहिता में महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं और सहमति संबंध में धोखा देने को गैरकानूनी बनाया गया है, साथ ही प्रमोशन का वादा, प्रलोभन और पहचान छिपाकर शादी करने को गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इसमें 10 साल तक की सजा हो सकती है। भारतीय न्याय संहिता को लेकर बहादुरगढ़ पुलिस कमिश्नरेट में महिला सुरक्षा से जुड़े पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन

प्रलोभन देकर शादी व संबंध बनाना और कंपनियों में प्रमोशन का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाने की लगातार शिकायतें बहादुरगढ़ पुलिस के पास आती हैं। बहुत सारे मामले सहमति संबंध के भी होते हैं। आईपीसी में इस तरह के अपराध के लिए कोई स्पष्ट व्याख्या नहीं थी, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 में इस तरह के अपराध का स्पष्टीकरण है।
बहादुरगढ़ बार एसोसिएशन के प्रधान सत्यवान राठी का कहना है कि अगर कोई भी पुरुष शादी का वादा करके किसी महिला के साथ संबंध बनाता है, लेकिन उस पुरुष का शादी करने का कोई इरादा नहीं है तो यह भारतीय न्याय संहिता के तहत गंभीर अपराध है। बहादुरगढ़ के डीसीपी मयंक मिश्रा का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता के पांचवें अध्याय के तहत महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध विषय आता है। इस अध्याय के तहत महिला सुरक्षा को लेकर कई नए कानून बनाए गए हैं। इस बारे में बहादुरगढ़ कमिश्नरेट में महिला सुरक्षा से जुड़े पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बुकलेट और किताबों के माध्यम से उन्हें नए कानूनों की जानकारी दी जा रही है। थानों की महिला विंग में तैनात पुलिसकर्मियों को भी नए कानूनों को लेकर जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन



महिला उत्पीड़न के तहत नए संशोधन

-रेप पीड़िता का बयान उसके आवास पर यथासंभव महिला अधिकारी द्वारा ही दर्ज होगा।

-बयान दर्ज करते वक्त पीड़िता के माता-पिता या अभिभावक उपस्थित रहेंगे। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग इलेक्ट्रानिक माध्यम से की जाएगी।

- सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले सभी अपराधों में फॉरेंसिक जांच आवश्यक।

- क्राइम सीन व फॉरेंसिक एविडेंस के लिए वीडियोग्राफी जरूरी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें