-फोटो 2 : वीरवार को मीडिया कर्मियों से बातचीत करते जितेन्द्र राठी।
न्यायालय से जमानत पर रिहा हुए इंडियन नेशनल लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी के पुत्र नगर पार्षद जितेन्द्र राठी ने अपना व अपने पिता के शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने को नाजायज बताया और सरकार से अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
जितेन्द्र राठी ने वीरवार को प्रेस वार्ता में कहा कि जिस भूखंड को भाजपा नेता कर्मबीर राठी अपना बता रहे हैं, वर्ष 1998 से उसकी असल मालिक उनकी मां शीला देवी व ताई बाला देवी हैं। उनके पिता व परिवार को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के लिए भाजपा-जजपा की सरकार उनके खिलाफ झूठे मुकदमे बनवा रही है।
लेकिन वह पुलिस का दुरुपयोग सहन नहीं करेंगे और झूठे केस में फंसाने के आरोप में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर मानहानि का मुकदमा करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस झूठे केस में उन्हें फंसाया गया है, उसकी एफआईआर में उनका नाम तक नहीं है।
पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लेने के लिए न तो सेक्शन 41 का नोटिस दिया गया और न ही उन्हें थाने में ले जाने का कारण बताया गया। यहां तक कि जो पुलिसकर्मी उनके निवास स्थान पर पहुंचे उनके पास कोई सर्च वारंट तक नहीं था। यह साजिश उनके परिवार की राजनीतिक छवि खराब करने के लिए रची गई। पुलिस के गैरकानूनी व मनमाने रवैये के खिलाफ वह एसएचओ शहर व एसपी झज्जर के खिलाफ केस करेंगे।
जितेंद्र राठी ने कहा कि जिस केस का हवाला देकर उनका शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर हथियार जमा करवाया गया है, उस केस में मेरा नाम ही नहीं है। वह एक गैस एजेंसी के संचालक और नगर पार्षद हैं। आत्मरक्षा के लिए हथियार रखते थे, लेकिन अब हथियार थाने में जमा है तो उनकी परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इसलिए उनके परिवार को सुरक्षा दी जाए। इस अवसर पर नगर पार्षद मोहित व पार्षद पति भूपेंद्र राठी आदि मौजूद रहे।