झज्जर। पंजाबी धर्मशाला में रविवार की शाम को व्यापारमंडल, बार एसोसिएशन, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और नगर पार्षदों सहित अन्य सामाजिक संगठनों के लोग श्रीराम पार्क को तोड़े जाने के विरोध में एकत्रित हुए और पूरे घटनाक्रम में मिलीभगत का ठीकरा नगर परिषद के अधिकारियों पर फोड़ा। इस दौरान नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने आश्वासन दिया कि उनका इस मामले में जिला उपायुक्त से बातचीत हुई है। उन्होंने तीन रोज में इस पूरे मामले का हल निकालने का आश्वासन दिया है। संगठनों के लोग उनके इस तर्क से सहमत नहीं हुए और उन्होंने एकमत से यहीं कहा कि इस मामले में उन्हें पार्क व स्मारक के दोबारा बनाने के लिए अलावा कुछ भी मंजूर नहीं है। यदि समय रहते प्रशासन इस मसले पर नहीं चेता तो इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। घंटों चली इस बैठक में सभी ने एक मत से गेंद फिलहाल प्रशासन के पाले में डाल दी। सभी का कहना था कि इसके लिए प्रशासन को कुछ समय दिया जाना चाहिए। यदि प्रशासन समय रहते इस पार्क का दोबारा से निर्माण करा देता है और स्मारक बना देता है तो ठीक है, नहीं तो फिर आम लोगों को सामने आकर इस पार्क का निर्माण अपने हाथों में लेना होगा। बैठक में विश्व हिंदू परिषद की तरफ से पीतांबर शर्मा, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राकेश अरोड़ा, झज्जर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजीत सिंह सोलंकी, झज्जर नगर परिषद चेयरमैन जिले सिंह सैनी, पूर्व वाइस चेयरमैन प्रवीण गर्ग, गोशाला के प्रधान प्रमोद बंसल, केशव सिंगल, गोपाल गोयल शोरे शामिल रहे।
फोटो-24 पंजाबी धर्मशाला में बैठक को संबोधित करते हुए सामाजिक संस्था के प्रतिनिधि।संवाद