बहादुरगढ़। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार दोपहर बाद कई घंटों तक बूंदाबांदी होती रही। बारिश की मात्रा 3 एमएम रिकार्ड की गई। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह बारिश यूं तो सभी फसलों के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन सरसों और गेहूं की फसल के लिए कहीं ज्यादा लाभकारी है। बहादुरगढ़ क्षेत्र में अलग-अलग गांवों में कुल मिलाकर 27 हजार 650 हेक्टेयर में जहां गेहूं की फसल लगाई गई है तो वहीं तीन हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल खड़ी है।
मौसम विभाग की ओर से 31 जनवरी और 1 फरवरी को पहले से ही बूंदाबांदी की संभावना जताई गई थी। ठीक उसी प्रकार बुधवार की दोपहर बाद बूंदाबांदी शुरू हुई और शाम तक जारी रही। इससे तापमान भी लुढ़का है। बहादुरगढ़ के निलौठी, आसौदा, जसौर खेड़ी, मांडौठी, टांडाहेड़ी, मातन, छारा, लडरावण, कानोंदा, कुलासी, खैरपुर, नूना माजरा, लोवा खुर्द समत अन्य कई गांवों में गेहूं की फसल खड़ी है तो बादली के गुभाना, माजरी, बुपनियां, पेलपा, दरियापुर, सौंधी समेत कई गांवों में सरसों की फसल है। इस बारिश से सब्जियों में आलू, मूली व गाजर की फसल को लाभ होगा।
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इस बारिश से गेहूं की फसल को ज्यादा फायदा होगा। जिन किसानों ने गेहूं की फसल की बुआई समय से की है, उन्हें तीसरी सिंचाई तथा जिन्होंने विलंब से बुआई की है उन्हें दूसरी सिंचाई का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने सिंचाई जल्द ही की है, उन्हें तेज बारिश होने पर नुकसान हो सकता है। - डॉ. सुनील कौशिक, एसडीओ कृषि विभाग