झज्जर। शहर में बनाए गए अधिकतर नालों की हालत खराब हो चुकी है। कई जगहों पर नाले टूटे गए हैं तो कहीं अधूरे छोड़ दिए गए हैं। इस कारण जलनिकासी नहीं हो पाती। अब नगर परिषद ने सभी नालों का निर्माण नए सिरे से कराने का निर्णय लिया है।
नगर परिषद के चेयरमैन ने तकनीकी टीम को शहर के सभी नालों का नए सिरे से एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए हैं। चेयरमैन ने आठ से दस दिन में यह एस्टीमेट बनाने के आदेश दिए हैं, ताकि अगली होने वाली हाउस की बैठक में इसे रखा जा सके। बता दें कि शहर में नालों की हालत काफी खराब है।
अधिकतर जगहों पर नाले टूट चुके हैं, जिस कारण पानी सड़कों और गलियों में बहता रहता है। यदि ठीक है तो उनमें कई जगहों पर आगे निकासी का प्रबंध नहीं है। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए नगर परिषद ने अब इन नालों का दोबारा से निर्माण कराने का फैसला किया है।
पहले पीडब्ल्यूडी के अधीन थे नाले
लगभग एक साल पहले तक शहर के अधिकतर नाले पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधीन थे। पीडब्ल्यूडी ही इन नालों की सफाई का काम भी करवाता था, लेकिन सभी नालों की सफाई न होने के कारण दिक्कत आती थी। बाद में प्रशासन के माध्यम से सरकार को सभी नालों को नगर परिषद के अधीन करने के लिए पत्र लिखा गया। सरकार ने प्रशासन की बात मानते हुए सभी नालों को नगर परिषद के अधीन कर दिया गया था। अब सभी नालों की सफाई का काम नगर परिषद करवाता है।
पहले रिपेयरिंग होनी थी
कुछ समय पहले नगर परिषद ने शहर के उन नालों की रिपेयरिंग करवाने का फैसला किया था, जो टूटे या क्षतिग्रस्त थे, लेकिन इस बार भी बारिश के दिनों में नालों के कारण शहर में पानी निकासी में समय लग गया। इसके चलते अब नगर परिषद ने नालों का दोबारा से निर्माण कराने का फैसला किया है।
वर्जन
नालों का निर्माण नए सिरे से करवाया जाएगा। इसके लिए तकनीकी टीम को एस्टीमेट बनाने के लिए कहा गया है। जल्द ही सदन में इसे पास करवाया जाएगा।-जिले सिंह सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद, झज्जर