बहादुरगढ़। नवरात्र के दूसरे दिन घरों और मंदिरों में मां के दूसरे रूप ब्रह्मचारिणी का पूजन किया गया। चारों ओर माता के जयकारे गूंज रहे हैं।
काठ मंडी में स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित शियाराम ने बताया कि मां दुर्गा का यह दूसरा स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनंत फल देता है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार और संयम की वृद्धि होती है। उन्होंने बताया, जो भी व्यक्ति जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता। मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से उसे सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है।
दुर्गा पूजा के दूसरे दिन मां के इसी स्वरूप की उपासना की जाती है। उन्होंने बताया इस दिन ऐसी कन्याओं का पूजन किया जाता है कि जिनका विवाह तय हो गया है लेकिन अभी शादी नहीं हुई है। इन्हें अपने घर बुलाकर पूजन के पश्चात भोजन कराकर कपड़े एवं अन्य उपहार आदि भेंट किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्र के तीसरे दिन मंगलवार को मां चंद्रघंटा की पूजा की होगी।