बहादुरगढ़। वीरवार को लीप वर्ष का अंतिम दिन रहा। इस दिन सात फेरे लेकर करीब 100 से अधिक जोड़े जन्म जन्मांतर के बंधन में बंधे। बैंड, बाजा, डीजे, डांस के बीच लोगों ने जमकर धमाल किया। हर ओर बैंड बाजों की धुन सुनाई दी। बहादुरगढ़ की सड़कों पर वीरवार को काफी भीड़भाड़ रही। कपड़ों से लेकर फूल वालों की दुकानों व विवाह से संबंधित अन्य सामान बेचने वालों की दुकानों पर भीड़ नजर आई।
इस दिन वाटिकाएं, बैंक्वेट हॉल, धर्मशाला व अन्य विवाह स्थल रोशनी से झिलमिला रहे थे, वहीं बाराती भी बैंड बाजे के बीच थिरकते नजर आए। सड़क किनारे दूल्हे की गाड़ी सजाने वालों के यहां कई-कई गाड़ियां सजती दिखी। लाल चौक पर गाड़ी सजाने का काम करने वाले अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने शादियों के मौके को ध्यान में रखते हुए अधिक फूल मंगवाए थे। शाम होते-होते कम पड़ गए।
लोग टैक्सियों की बुकिंग के लिए इधर-उधर घूम रहे थे, लेकिन उन्हें काफी ऊंचे दामों में भी टैक्सी उपलब्ध नहीं हो रही थी। डीजे वालों में भी काफी व्यस्तता थी उन्हें आज के दिन कई-कई शादियों में डीजे लगाया। शादी का शुभ मुहूर्त और लीप वर्ष का अंतिम दिन होने के चलते टैक्सी वाले, बैंड वाले, टेंटवाले, हलवाई व पंडित भी दिनभर व्यस्त रहे। सुबह होते ही नगर में ढोल व बैंड की आवाजें आनी शुरू हो गई और शाम नजदीक आती गई तो शादियों का यह माहौल और भव्य होता चला गया।