बहादुरगढ़। अज्ञात शवों को पोस्टमार्टम से पहले पहचान कराने के लिए 72 घंटे तक मोर्चरी में रखा जाता है, लेकिन नागरिक अस्पताल के मोर्चरी में लगा फ्रीज लंबे समय से खराब चल रहा था, ऐसे में शवों के सड़ने का डर बना रहता था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे ठीक कराने लिए विभाग को लिखा लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी बात नहीं बनी। मसला संवेदनाओं और लोगों की भावनाओं से जुड़ा था लिहाजा मोक्ष सेवा समिति और बजरंग दल आगे। उनके प्रयास से बुधवार को कराकर स्वास्थ्य विभाग को आइना दिखाया।
दरअसल फ्रीज खराब होने की वजह से पोस्टमार्टम के लिए आने वाले शव भी सड़ने का डर बना रहता था। गर्मी में इसकी संभावना और बढ़ जाती है। इस बात की जानकारी जब सामाजिक संस्था मोक्ष सेवा समिति के सदस्यों को हुई तो उन्होंने इसे ठीक कराने के प्रयास शुरू किए। बजरंग दल भी आगे आया। बजरंग दल के विभाग संयोजक एवं मोक्ष सेवा समिति से जुड़े नीरज वत्स ने फ्रीज को ठीक करा दिया। वत्न से बताया कि फ्रीज ठीक होने के बाद अब यहां आने वाले शव सुरक्षित रहेंगे। उनके सड़ने या दुर्गंध उठने की संभावना नहीं रहेगी। नीरज वत्स इससे पहले भी सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग ले चुके हैं। पूर्व में उन्होंने कोरोना काल के दौरान मोक्ष सेवा समिति को एक टेंपों भी भेंट किया था। वह टेंपों शव वाहन के रूप में इस्तेमाल हो रहा है।
मिस्त्री ने भी किया सहयोग
नीरज वत्स ने बताया कि फ्रीज को ठीक कराने में 49 हजार की लागत आई, लेकिन फ्रीज को ठीक करने वाले मिस्त्री बृजेश कुमार ने इसे ठीक करने के लिए केवल 31 हजार रुपये ही लिए। बाकी खर्च अपनी तरफ से वहन किया। मिस्त्री का कहना था कि ये एक पुण्य का काम है और इसमें सहयोग करने उसे आत्मसंतुष्टि हुई है।
वर्जन
नागरिक अस्पताल की मोर्चरी का फ्रीज काफी समय से खराब था। इस बारे में कई बार विभाग को लिखा गया था। अब बजरंग दल और मोक्ष सेवा समिति के सहयोग से ये ठीक हो गया है। इसके लिए समिति और बजरंग दल का आभार व्यक्त करते हैं।
डॉ.उरेंद्र, आरएमओ, नागरिक अस्पताल