झज्जर / साल्हावास। अप्रैल के महीने में ही जून जैसी गर्मी शुरू हो गई है। मंगलवार को तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तेज धूप और गर्मी से लोग बेहाल हो गए। लोगों ने कूलर निकल लिए और एसपी भी चलाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने 15 अप्रैल को तापमान 40 डिग्री पहुंचने की आशंका जताई है।
क्षेत्र में मार्च में 20 मार्च से 25 मार्च तक बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि हुई थी। जिसके बाद मौसम में काफी ठंडक हो गई थी। तापमान में काफी गिरावट हो गई थी लेकिन अप्रैल की शुरूआत भीषण गर्मी से हुई है। बढ़ती गर्मी के कारण लोगों ने कूलर पंखे बाहर निकल लिए हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गर्मी की वजह से लोग परेशान रहे। चिलचिती धूप में लोगों का बुरा हाल था। मौसम विभाग ने शुक्रवार से फिर से तापमान बढ़ने की संभावना जताई है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। 15 अप्रैल को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस होने की उम्मीद जताई है। 15 अप्रैल के बाद तापमान में बढ़ोतरी होने के साथ ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार कर जाएगा।
मौसम विभाग के अनुसार बढ़ते तापमान का मुख्य कारण 13 अप्रैल से अरब सागर में प्रति चक्रवात बनना बताया जा रहा है। प्रति चक्रवात के समय हवाएं धरातल से समुद्र की तरफ चलती है, जिसकी वजह से वातावरण में नमी आती है और मौसम शुष्क हो जाता है। इससे तापमान में भी बढ़ोतरी आती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को ये चक्रवात कम कर देता है। प्रति चक्रवात के कारण तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। पहाड़ी इलाकों की अपेक्षा मैदानी इलाकों में तो गर्मीं ने अपना तेवर दिखाना शुरु कर दिया है। प्रति चक्रवात के समय हवाएं धरातल से समुंद्र की तरफ चलती है, जिसकी वजह से वातावरण में नमी आती है और मौसम शुष्क हो जाता है। इससे तापमान में भी बढ़ोतरी आती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव को ये कम कर देता है। प्रति चक्रवात की वजह से पश्चिमी विक्षोभ का असर भी कम होने वाला है।
- वर्जन
पिछले साल अप्रैल के तापमान को देखते हुए इस बार फिलहाल तापमान ठीक है। इतने तापमान के कारण जनजीवन पर कोई विपरीत असर पड़ने वाला नहीं है। अगर गर्मी और अधिक बढ़ती है तो लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
- डॉ ईश्वर सिंह, तकनीकी अधिकारी, कृषि एंव किसान कल्याण विभाग