साल्हावास (झज्जर)। मनु ने शानदार प्रदर्शन किया। मेडल की हैट्रिक बनाने से भले ही मनु चूक गई हो, लेकिन लोगों का दिल जीतने में वह नहीं चूकी। दो कांस्य पदक जीतने के बाद मनु का हौसला बढ़ा है। मनु के प्रदर्शन के बाद उसकी दादी दयाकाैर ने प्रतिक्रिया दी।
मनु भाकर शनिवार को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में खेलने उतरीं। यहां मनु भाकर चौथे पर रहीं। मनु के गांव गोरिया में शनिवार को स्कूल में मैच देखा गया। परिवार के सदस्यों के अलावा स्कूल के बच्चे व ग्रामीण मौजूद रहे। मनु के मैच को देखकर बच्चे उत्साहित थे, लेकिन चौथे नंबर पर रहने पर सभी में निराशा छा गई।
मनु भाकर फाइनल में एक समय मेडल जीतने की स्थिति में थीं। सात सीरीज की समाप्ति के बाद मनु भाकर दूसरे नंबर पर कायम थीं। आठवीं सीरीज में मनु ने निराश किया। मनु पहले ही 25 मीटर पिस्टल के फाइनल में मुकाबला नहीं जीत पाईं। उन्होंने बहुत करीबी अंतर से मुकाबला गंवा दिया। पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य जीत इतिहास रचने वाली मनु भाकर फाइनल में पूरे मुकाबले में रहीं। मनु अंतिम क्षण तक मेडल के करीब थीं, लेकिन शूट ऑफ में वह जरा से अंतर से रह गईं। मनु ने हर भारतीय का दिल जीत लिया।
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो पदक जीतकर इतिहास बना दिया है। एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली वह एकमात्र खिलाड़ी है। उसने फाइनल तक बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उम्मीद थी कि मनु अंतिम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतेगी, लेकिन शायद भगवान को कुछ और ही मंजूर था। वह अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक के साथ फिर से वापसी करेगी।
बलजीत, मनु के ताऊ