बेरी। गांव माजरा दूबलधन स्थित जटेला धाम में स्वामी नितानंद वाणी प्रचार प्रसार समिति एवं हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी नितानंद का सामाजिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक दर्शन विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
संगोष्ठी का आरंभ स्वामी नितानंद की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। सर्वप्रथम संयोजक डॉ. यशवीर सिंह द्वारा सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा संगोष्ठी का परिचय दिया। प्रथम सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ से पहुंचे हिंदी विभाग के सह-आचार्य डॉ. सिद्धार्थ शंकर राय ने अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि मनुष्य त्याग करने से बड़ा होता है। डॉ. मनमोहन शर्मा, डॉ. दयानंद कादयान, रोहित, डॉ. हेमलता शर्मा आदि ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में रोहतक मेडिकल कॉलेज के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी गुप्ता ने आयुर्वेद एवं एलोपैथी में समुचित समन्वय साधने की बात कही। पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास ने अध्यक्षीय अभिभाषण देते हुए कहा कि स्वामी नितानंद की वाणी मनुष्य का कल्याण करने वाली है। उन्होंने संगोष्ठी में प्राध्यापकों, शोधार्थियों का धन्यवाद किया। सत्र का संचालन डॉ. महेंद्र सिंह शर्मा ने किया। संगोष्ठी में डॉ. दयानंद कादयान की पुस्तक स्मार्टफोन मीडिया एक सार्वभौम माध्यम तथा राजपाल कादयान की आत्म चिंतन, परमार्थ का रास्ता आदि पुस्तकों का विमोचन किया गया। दूसरे सत्र में राजपाल कादयान ने मुख्य वक्तव्य दिया तथा अध्यक्षीय अभिभाषण डॉ. मनमोहन शर्मा ने दिया। उन्होंने शोधार्थियों के शोध पत्रों का सुंदर विश्लेषण कर उनका समुचित मार्गदर्शन किया। इस सत्र में जनता महाविद्यालय चरखी दादरी की एमए हिंदी की आशु, रश्मि, पूजा, मनीषा आदि छात्राओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। इनके अतिरिक्त प्राध्यापिका ओमपति, डॉ. सुमन कुंडू, डॉ. रवीना कादयान, डॉ. तरसेम, अजय आदि ने भी अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए । संगोष्ठी में कुल 50 प्रतिभागियों ने अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। इस सत्र का संचालन डॉ. दयानंद कादयान ने किया ।